अयोध्याः भाजपा महामंत्री की गाड़ी सीज होने पर बवाल! लक्ष्मण घाट चौकी इंचार्ज पर बदसलूकी के गंभीर आरोप
अयोध्या। लक्ष्मण घाट चौकी क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान भाजपा मंडल महामंत्री की गाड़ी सीज किए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और भाजपा संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों तक इसकी शिकायत पहुंच चुकी है। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में लक्ष्मण घाट चौकी क्षेत्र में पुलिस की नियमित चेकिंग के दौरान भाजपा मंडल महामंत्री राजन पांडेय की गाड़ी को रोककर सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर काफी देर तक बहस होती रही। राजन पांडेय ने इस पूरी कार्रवाई को अनुचित और अपमानजनक बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। राजन पांडेय ने बताया कि घटना की जानकारी उन्होंने तत्काल भाजपा महानगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, मेयर और स्थानीय विधायक को दी। इस मामले को लेकर सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने गंभीरता से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अगले दो दिनों के भीतर उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
राजन पांडेय के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारी ने भी संज्ञान लिया है और सोमवार को उनकी गाड़ी छुड़वाने की बात कही है। हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्वयं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो जिले के सभी भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। राजन पांडेय ने कहा, जब भारतीय जनता पार्टी का एक जिम्मेदार कार्यकर्ता ही इस तरह की कार्यशैली से परेशान है, तो आम जनता के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मण घाट चौकी इंचार्ज के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं इस पूरे विवाद में समाजसेवी रितेश दास ने भी चौकी इंचार्ज की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रितेश दास ने आरोप लगाया कि पूर्व में चौकी इंचार्ज ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि चौकी इंचार्ज ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया था। रितेश दास का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में तत्काल कोतवाल और क्षेत्राधिकारी को भी शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करने को बाध्य होंगे।