बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी कांड: मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल पर कसा शिकंजा, अदालत ने दी 4 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड
जोशीमठ। भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में हुई करोड़ों की हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल पर कानून का शिकंजा कस गया है। पुलिस की ओर से दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौसर की अदालत ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को 28 से 31 जुलाई तक के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि इससे पहले पुलिस जांच टीम द्वारा रिमांड के लिए किए गए दो आवेदनों को अदालत ने खारिज कर दिया था। सोमवार को पुलिस की ओर से पेश की गई मजबूत दलीलों के बाद अदालत ने 4 दिन की कस्टडी रिमांड स्वीकृत की, जिससे अब चोरी के इस बड़े खेल से पर्दा उठने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब जांच टीम आरोपी प्रमोद नौटियाल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। कस्टडी के दौरान हेराफेरी की गई राशि की बरामदगी, नेटवर्क में शामिल अन्य सहयोगियों के नामों का पर्दाफाश और फर्जी अभिलेखों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। उधर, पुलिस की विशेष जांच समिति चढ़ावे से जुड़े पुराने अभिलेखों और रजिस्टरों का वित्तीय विशेषज्ञों से परीक्षण करा रही है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति भी समानांतर रूप से मामले की पड़ताल कर रही है। सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों को चिह्नित कर उनसे पूछताछ जारी है। चढ़ावे में हुई इस ऐतिहासिक हेराफेरी से सबक लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दान एवं चढ़ावा गणना व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े कड़े कदम उठाए हैं। गणना कक्ष में मंदिर परिसर की ओर एक बड़ी शीशे की दीवार बनाई गई है, जिससे बाहर से भी अंदर चल रही हर गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे। कक्ष के ऊपरी हिस्से में सुरक्षा के लिहाज से करीब तीन फीट ऊंची मजबूत लोहे की जाली लगाई गई है। पूरे गणना कक्ष को 5 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि चढ़ावे की गिनती के दौरान की हर छोटी-बड़ी गतिविधि रिकॉर्ड हो सके। चढ़ावे की हेराफेरी उजागर होने के बाद से ही श्रद्धालुओं और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों में गहरा आक्रोश था। कस्टडी रिमांड मिलने और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा घेरा कड़ा किए जाने से अब आम जनता और श्रद्धालुओं में पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद जगी है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।