• Home
  • News
  • Bageshwar: A major plan for tourist safety on the Pindari Glacier trek! DM Apurva Pandey inspected the 26 km trekking route from Khati to Zero Point.

बागेश्वरः पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बड़ा प्लान! डीएम अपूर्वा पाण्डे ने खाती से जीरो पॉइंट तक 26 किमी पैदल मार्ग का किया निरीक्षण

editor
  • Awaaz Desk
  • October 21, 2026 05:10 AM
Bageshwar: A major plan for tourist safety on the Pindari Glacier trek! DM Apurva Pandey inspected the 26 km trekking route from Khati to Zero Point.

बागेश्वर। बागेश्वर जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों की टीम के साथ बागेश्वर के अंतिम गांव खाती से पिंडारी ग्लेशियर के जीरो पॉइंट तक करीब 26 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेक के संवेदनशील और खतरनाक स्थलों का जायजा लेते हुए पर्यटकों की सुरक्षा, मार्ग सुधार और आवश्यक पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक साहसिक पर्यटन के शौकीनों के बीच खास पहचान रखता है। खाती गांव से ग्लेशियर के जीरो पॉइंट तक की एक तरफ की दूरी लगभग 26 किलोमीटर है, जबकि आने-जाने में करीब 52 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और प्राकृतिक चुनौतियों के कारण इस ट्रेक पर सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मार्ग की स्थिति का निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को आवागमन में परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रेक पर मौजूद पर्यटकों से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि साहसिक पर्यटन के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं तथा ग्रामीणों की आजीविका को मजबूती मिल सकती है। ट्रेक मार्ग पर पर्यटकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रिंगाल से पर्यावरण-अनुकूल साइनबोर्ड तैयार कराने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहित करना है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कपकोट को पूरे ट्रेक मार्ग का विस्तृत मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें मार्ग की जानकारी, प्रमुख पड़ाव, उपलब्ध संसाधनों और आपदा के दौरान उपयोगी सूचनाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रेक मार्गों का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्यों की रूपरेखा तैयार करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ कर बागेश्वर को साहसिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खुल सकेंगे।


संबंधित आलेख: