बागेश्वर: प्रधानमंत्री से प्रशंसित जगदीश कुनियाल से मिले डीएफओ प्रकाश आर्य! 42 साल के जंगल-सृजन अभियान को सराहा
बागेश्वर। पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के क्षेत्र में करीब 42 वर्षों से निरंतर काम कर रहे स्थानीय पर्यावरण सेवक जगदीश कुनियाल से शनिवार को प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश आर्य ने मुलाकात की। प्रधानमंत्री द्वारा भी कुनियाल के पर्यावरण प्रेम और उनके पौधरोपण अभियान की प्रशंसा किए जाने के बाद उनके प्रयासों को लेकर क्षेत्र में विशेष चर्चा है। डीएफओ ने कुनियाल द्वारा तैयार किए गए जंगल का निरीक्षण कर उनके लंबे समय से जारी अभियान की सराहना की। जगदीश कुनियाल ने चार दशक से अधिक समय से पौधरोपण को अपने जीवन का अभियान बनाया हुआ है। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर बंजर और अनुपयोगी भूमि में स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए। निरंतर देखभाल और संरक्षण के परिणामस्वरूप कई स्थानों पर अब सघन जंगल विकसित हो चुके हैं। इन जंगलों ने न केवल क्षेत्र की हरियाली बढ़ाई, बल्कि स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता को भी मजबूती दी है। निरीक्षण के दौरान डीएफओ प्रकाश आर्य ने कुनियाल के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से ही इसके बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। कुनियाल जैसे लोगों का व्यक्तिगत समर्पण समाज में पौधरोपण और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुनियाल ने बताया कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता देकर उन्होंने पौधरोपण किया। इससे हरियाली बढ़ने के साथ कई जल स्रोतों के पुनर्जीवन में भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। उनका 42 वर्षों का यह अभियान आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल बन चुका है।