बागेश्वरः कपकोट में दो दिन से दरक रही पहाड़ी! दहशत में लखमारा गांव के लोग, गधेरे में गिर रहे बोल्डर! मलबे से बढ़ा खतरा
कपकोट। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन ने लखमारा गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लखमारा गांव की पहाड़ी पर पिछले दो दिनों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ी से मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ टूटकर लगातार लखमारा गधेरे में गिर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कोई बड़ा बोल्डर गधेरे में गिरकर पानी के बहाव को रोक देता है तो वहां तालाब जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होते ही पहाड़ी के कई हिस्से दरकने लगते हैं। भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर जमीन में दरारें भी पड़ गई हैं। लगातार मलबा गिरने से आसपास के खेत भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया है। भूस्खलन से शंकर सिंह, मोहन सिंह, जयत सिंह, अजब सिंह, उमा देवी, किशन सिंह और पौन सिंह समेत कई किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है। खेतों में मलबा जमा होने से ग्रामीणों के सामने खेती और आजीविका को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि गैरखेत-लखमारा सड़क के कारण भी क्षेत्र में भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण सड़क के आसपास का क्षेत्र भी संवेदनशील हो गया है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की चपेट में प्रताप राम के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भारी बारिश के दौरान कोई बड़ा बोल्डर लखमारा गधेरे में गिरकर पानी का बहाव रोक देता है तो वहां पानी जमा होकर तालाब का रूप ले सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक पानी का बहाव बढ़ने पर नीचे बसे इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही संवेदनशील स्थानों का भू-वैज्ञानिक और तकनीकी निरीक्षण कराकर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लगातार बारिश के बीच स्थिति और गंभीर हो सकती है।