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सिर पर पट्टी, जुबां पर तीखे सवाल: संसद में पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर मोदी सरकार से मांगा जवाब

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 28, 2026 07:07 AM
Bandage on his head, sharp questions on his lips: Pappu Yadav's unique protest in Parliament; demanded answers from the Modi government regarding the student agitation and police action.

नई दिल्ली। संसद के जारी मानसून सत्र में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक अनोखे और आक्रामक रूप में संसद भवन पहुँचे। अपने सिर पर 'जस्टिस' (न्याय) लिखी पट्टी बांधकर पहुंचे पप्पू यादव ने देश में छात्र आंदोलनों और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके इस प्रतीकात्मक विरोध ने संसद परिसर में सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव अपने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराते नजर आए। सिर पर 'जस्टिस' लिखी सफेद पट्टी बांधकर संसद पहुंचे पप्पू यादव ने छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और पूरे मामले में निष्पक्ष न्याय की मांग की।

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि देशभर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उनके साथ सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई की जा रही है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पप्पू यादव ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि छात्र देश के भविष्य हैं और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं पर बल प्रयोग होगा तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को इस पूरे घटनाक्रम पर संसद और देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। अपने बयान में उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सम्मान का प्रतीक मानी जाने वाली पगड़ी ऐसे व्यक्ति को पहनाई गई, जिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे व्यक्ति को इस तरह सम्मानित किया जाना उचित है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। पप्पू यादव ने दोहराया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित लाठीचार्ज और सख्ती की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संवाद के जरिए समाधान निकाले, न कि बल प्रयोग के माध्यम से। संसद में 'जस्टिस' लिखी पट्टी बांधकर पहुंचे पप्पू यादव का यह प्रतीकात्मक विरोध पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और सरकार की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।


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