बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर का पुलिस-प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल, पटना एसएसपी की चुनाव आयोग से शिकायत; कल करेंगे बड़ा खुलासा
पटना। बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान समाप्त होने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। जन सुराज के प्रमुख एवं बांकीपुर से प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। प्रशांत किशोर का दावा है कि मतदान से पहले और मतदान के दिन पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनके पास आरोपों से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य हैं, जिन्हें वह रविवार सुबह 11 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक करेंगे।
प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष पूरे घटनाक्रम की जानकारी और उपलब्ध सबूत प्रस्तुत कर दिए हैं। उनके अनुसार आयोग ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष होगी और यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जन सुराज प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि कई लोगों को हिरासत में लिए बिना ही घंटों तक रोके रखा गया और चुनावी गतिविधियों में बाधा पहुंचाई गई। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन का व्यवहार निष्पक्ष चुनाव की भावना के अनुरूप नहीं था। प्रशांत किशोर ने कहा, "हमने चुनाव आयोग के सामने सभी तथ्य रख दिए हैं। आयोग ने जांच का आश्वासन दिया है। अब हम जनता के सामने भी पूरे सबूतों के साथ सच्चाई रखेंगे कि चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन ने किस तरह काम किया। बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। कम मतदान प्रतिशत ने सभी प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कम मतदान वाले चुनाव में मजबूत संगठन और कैडर वाले प्रत्याशी को लाभ मिल सकता है। वहीं, जन सुराज अपने आंतरिक आकलन और एग्जिट पोल के आधार पर बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रही है। मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। उससे पहले प्रशांत किशोर की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनाव आयोग में दर्ज शिकायत ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। यदि प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य गंभीर पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई बहस को जन्म दे सकता है। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से शिकायत पर जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और प्रशांत किशोर के आरोपों का चुनावी परिणामों पर कितना असर पड़ता है।