बेगूसराय शर्मसार: 10 साल की मासूम को आम का लालच देकर 60 वर्षीय बुजुर्ग ने किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। मंझौल थाना क्षेत्र में एक 60 साल के बुजुर्ग पर महज 10 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ घिनौना दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोपी ने मासूम को बहला-फुसलाकर और आम चुनने का लालच देकर एक सुनसान बगीचे में बुलाया और इस हैवानियत को अंजाम दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़ित बच्ची बेहद डरी और सहमी हुई थी। उसने किसी तरह अपने घर पहुंचकर रोते हुए परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। वारदात का पता चलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत इसकी सूचना मंझौल थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और छापेमारी कर आरोपी को उसके घर से दबोच लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने पीड़ित बच्ची और आरोपी बुजुर्ग दोनों को बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, प्रारंभिक पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मंझौल थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। 60 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पीड़िता और आरोपी दोनों का मेडिकल परीक्षण पूरा करा लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता कानूनी तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद से बेगूसराय में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हाल ही में हुए चकिया सामूहिक दुष्कर्म कांड के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि इस दूसरी बड़ी वारदात ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर गहरा रोष प्रकट किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों की स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) कराकर आरोपी को फांसी जैसी कड़ी सजा दिलाई जाए। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।