बेलगड़िया टाउनशिप का बदलेगा चेहरा: धनबाद डीसी आदित्य रंजन का अल्टीमेटम, तय समय में पूरी करें विकास योजनाएँ
धनबाद। झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने बेलगड़िया टाउनशिप में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी योजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में झरिया मास्टर प्लान के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षणार्थियों के लिए बनाए जा रहे नौ छात्रावास, 90 व्यावसायिक दुकानों, फेज-1 की सड़क एवं पेवर ब्लॉक निर्माण, विभिन्न चरणों के सुदृढ़ीकरण कार्य तथा सामुदायिक भवनों की प्रगति पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली। उन्होंने सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बेलगड़िया टाउनशिप में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नए तालाब के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि भू-जल स्तर को बनाए रखने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थायी प्रयास बेहद आवश्यक हैं। इसके अलावा आवास निर्माण, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, सामुदायिक भवन, पशु शेड, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बाउंड्री वॉल, पेयजल, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में योजनाओं के लिए उपलब्ध बजट, अब तक हुए व्यय और अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि पुनर्वास क्षेत्र के लोगों को जल्द बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके। आदित्य रंजन ने दो टूक कहा कि यदि किसी परियोजना में बिना उचित कारण के देरी हुई तो संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने और समयबद्ध तरीके से सभी विकास योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में जेआरडीए के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।