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बिग ब्रेकिंगः ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर CJI की सफाई! बोले- मेरी टिप्पणी का गलत इस्तेमाल हुआ, युवाओं को गुमराह करने वाली कोशिशों से बचने की अपील

editor
  • Awaaz Desk
  • August 14, 2026 02:08 PM
Big Breaking: CJI clarifies 'cockroach' remark! Says his comment was misrepresented; appeals to youth to avoid attempts to mislead them.

नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को अदालत की सुनवाई के दौरान की गई उनकी कथित मौखिक टिप्पणी को लेकर सफाई दी। डीडी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और ऐसी बात को उनके बयान के तौर पर प्रचारित किया गया, जो उन्होंने कही ही नहीं थी। CJI ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की कोशिशों से खासतौर पर देश के युवाओं को गुमराह किया जा सकता है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और उसका गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने चिंता जताई कि अदालत की कार्यवाही के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर बिना पूरे संदर्भ के प्रसारित किए जाते हैं। उनके मुताबिक, किसी टिप्पणी या बातचीत के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश करने से उसके वास्तविक अर्थ को बदलने की आशंका रहती है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जो बात कही ही नहीं गई, उसे इस तरह प्रस्तुत किया गया जैसे वह अदालत में कही गई हो। उन्होंने इसे देश के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश बताया। CJI ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी बयान या वीडियो को साझा करने से पहले उसके पूरे संदर्भ को समझना जरूरी है। उन्होंने मीडिया और आम नागरिकों की जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया। CJI सूर्यकांत ने कहा कि चाहे कोई सोशल मीडिया से जुड़ा हो, प्रिंट मीडिया से या किसी अन्य माध्यम से, सभी के कुछ अधिकारों के साथ संवैधानिक कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी हैं। CJI ने कहा कि अधिकारों की बात करते समय प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों को पूरा करने की क्षमता और जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोशल मीडिया पर न्यायपालिका से जुड़ी टिप्पणियों और अदालती कार्यवाही के छोटे वीडियो क्लिप तेजी से प्रसारित होते हैं। कई बार किसी सुनवाई के दौरान हुई बातचीत का सीमित हिस्सा सामने आने से उसके अर्थ को लेकर बहस शुरू हो जाती है। ऐसे में CJI की ओर से संदर्भ के महत्व पर दिया गया संदेश अहम माना जा रहा है।

‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर हुआ था विवाद
गौरतलब है कि 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद सामने आया था। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी डिग्री वाले कुछ लोगों की तुलना ‘कॉकरोच’ से की और सोशल मीडिया तथा सोशल एक्टिविज्म के जरिए व्यवस्था को निशाना बनाने वालों पर भी टिप्पणी की। इस कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी क्रम में व्यंग्यात्मक नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर ऑनलाइन गतिविधियां चर्चा में आईं। बाद में इस नाम से जुड़े लोगों और समर्थकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठानी शुरू की। इन गतिविधियों के बीच NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आई थीं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर विपक्ष तथा प्रदर्शनकारियों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए। अब CJI सूर्यकांत की ओर से अपनी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किए जाने पर दी गई सफाई ने एक बार फिर अदालत की मौखिक टिप्पणियों, सोशल मीडिया पर उनके प्रसार और जिम्मेदार मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर बहस को सामने ला दिया है।


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