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बिग ब्रेकिंगः फ्रांस में सरकार के खिलाफ फिर सड़कों पर जनसैलाब! बढ़ते खर्चों और महंगाई को लेकर तेज हुआ आंदोलन

editor
  • Awaaz Desk
  • October 25, 2026 06:10 AM
Big Breaking: Massive crowds take to the streets in France once again against the government! Protests intensify over rising costs and inflation.

नई दिल्ली। फ्रांस में जीवन-यापन के बढ़ते खर्चों और महंगाई के खिलाफ जनता का आक्रोश अब बेकाबू हो चुका है। राजधानी पेरिस समेत देश के तमाम बड़े शहरों में पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध-प्रदर्शनों ने बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। छात्रों की मांगों और शिक्षा क्षेत्र में फंड की कमी के मुद्दे से शुरू हुआ यह आंदोलन अब व्यापक जनाक्रोश में तब्दील हो चुका है, जिसके चलते लाखों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पेरिस की गलियों से लेकर सुदूर प्रांतों तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। उपद्रवियों ने कई स्थानों पर दुकानों में तोड़फोड़ कर लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस और दंगा-रोधी बलों पर पत्थर व अन्य वस्तुओं से हमले किए गए। शनिवार को पेरिस, लियोन, क्लेरमोंट-फेरां और स्ट्रासबर्ग में बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में आंसू गैस के गोले दागने पड़े। वहीं नीस और नांतेस जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए वॉटर कैनन का सहारा लिया गया। शनिवार को पेरिस प्रशासन ने मार्च को दक्षिण-पूर्वी हिस्से तक सीमित रखने का प्रयास किया था। यह प्रदर्शन 'पोर्त द इटली' से शुरू होकर 'पोर्त द विन्सेन्स' तक पहुंचा, लेकिन जब भीड़ ने 'प्लास द ला नासियों' की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ भीषण टकराव देखने को मिला। हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए फ्रांसीसी सरकार ने देश भर में 70,000 से अधिक पुलिसकर्मियों व दंगा-रोधी बलों की तैनाती की है। संवेदनशील इलाकों में हेलीकॉप्टरों और बख्तरबंद गाड़ियों से लगातार गश्त की जा रही है। हिंसक गतिविधियों, आगजनी और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक 1,000 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया जा चुका है। गंभीर होते संकट के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नागरिकों से संयम और शांति बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से विभाजनकारी ताकतों के बहकावे में न आने और आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति मैक्रों ने स्वीकार किया कि यह सामाजिक असंतोष कई वर्षों की नीतियों और तनाव की परिणति है, जिसे समय रहते नियंत्रित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों की घटनाओं ने गणतंत्र की नींव को प्रभावित किया है और समाज में पूर्वाग्रह बढ़े हैं। मैक्रों ने बल देकर कहा कि देशवासियों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होने के जाल में फंसने से बचना होगा, क्योंकि फ्रांस का गणतंत्र आपसी एकता, सद्भाव और भाईचारे पर टिका है।


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