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बिग ब्रेकिंगः मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत! एफआईआर पर रोक के साथ हाईकोर्ट के सोशल मीडिया प्रतिबंध पर भी लगाई रोक

editor
  • Awaaz Desk
  • August 31, 2026 09:08 AM
Big Breaking: Mohammad Deepak gets major relief from the Supreme Court! Along with a stay on the FIR, the Court has also stayed the High Court's ban on social media use.

नई दिल्ली/देहरादून। कोटद्वार में जिम चलाने वाले दीपक कुमार (मोहम्मद दीपक) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी। दीपक ने बजरंग दल के सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच हुई बहस से जुड़े आरोपों के मामले को रद्द करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट की ओर से पारित किए गए उस आदेश पर भी रोक लगा दी है जिसमें दीपक को घटना और मामले के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से प्रतिबंधित किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट की ओर से पारित किए गए उस आदेश पर भी रोक लगा दी है जिसमें दीपक को घटना और मामले के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से प्रतिबंधित किया गया था। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दीपक की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। दीपक की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने तब हस्तक्षेप किया जब बजरंग दल के सदस्यों ने एक मुस्लिम दुकानदार की ओर से अपनी दुकान के नाम में “बाबा” शब्द का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई। जब भीड़ ने दीपक से उसका नाम पूछा, तो उसने जवाब दिया, “मोहम्मद दीपक।” गणतंत्र दिवस पर हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। सिंघवी ने कहा कि घटना के बाद दीपक दुकानदार की मदद करने गया था। उन्होंने तर्क दिया कि दीपक ने खुद घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सिंघवी ने कहा, “एक भले इंसान के खिलाफ इस तरह की शिकायत कैसे हो सकती है?” सिंघवी ने याचिकाकर्ता को घटना से संबंधित मैसेज या वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोकने वाले हाई कोर्ट के निर्देश पर भी चिंता जाहिर की। सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता को राहत देने के बजाय हाई कोर्ट ने उस पर एक तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते के अंदर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही, आदेश दिया कि एफआईआर के संबंध में कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहेगी।
 


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