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बिग ब्रेकिंगः दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर ताजपोशी के बाद भी नहीं थमा अंकिता भंडारी केस का विवाद! कथित वीआईपी की पहचान को लेकर फिर उठे सवाल

editor
  • Awaaz Desk
  • October 19, 2026 07:10 AM
Big Breaking: The controversy surrounding the Ankita Bhandari case persists even after Dushyant Kumar Gautam’s appointment as Governor! Questions have once again been raised regarding the identity of the alleged 'VIP'.

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विवाद के बीच दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल पद की शपथ ले ली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद से ही उत्तराखंड से लेकर सिक्किम तक विरोध के स्वर उठ रहे थे।। प्रदर्शनकारी अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे थे। 

बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इसी विवाद के बीच दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर विरोध तेज हुआ। हालांकि, इस मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, ताकि मामले से जुड़े सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान हो सके।

बीते दिनों अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट के सामने प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई थी। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके समर्थन में पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अंकिता हत्याकांड की जांच में कथित वीआईपी की भूमिका सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिए। बता दें कि अंकिता की हत्या से पहले उनके फोन से कथित तौर पर कुछ व्हाट्सएप चैट मिली थीं। ऐसा कहा जाता है कि इन चैट से संकेत मिलता है कि अंकिता पर रिसॉर्ट में आने वाले एक वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का दबाव डाला गया था। अंकिता के परिवार और विपक्ष के नेताओं का यह आरोप है कि वह व्यक्ति दुष्यंत गौतम थे। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो या फिर वीडियो क्लिप भी सामने आई थी जिसमें पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ और अभिनेत्री उर्मिला सनावर का जिक्र था। इसके बाद सार्वजनिक रूप से इस वीआईपी की पहचान को दुष्यंत गौतम से जोड़ा जाने लगा।

इधर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में सिक्किम में भी लगातार आवाज उठ रही है। वरिष्ठ राजनीतिज्ञ भरत बस्नेत ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी थी। उन्होंने सवाल किया कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल क्यों नियुक्त किया गया और इस विवाद में सिक्किम को क्यों जोड़ा जा रहा है। बस्नेत ने कहा कि राज्यपाल को संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त होता है, इसलिए नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।

वहीं, सिक्किम प्रदेश कांग्रेस ने भी नियुक्ति के विरोध में गंगटोक स्थित जिला प्रशासनिक केंद्र परिसर में धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल छेत्री ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा की तुलना ऐसी ‘वाशिंग मशीन’ से की, जिसमें शामिल होने के बाद आरोपों का सामना कर रहे लोगों को पाक-साफ दिखाने की कोशिश की जाती है। कांग्रेस ने नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर पुनर्विचार की मांग दोहराई। फिलहाल, दुष्यंत कुमार गौतम के राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। 


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