Big Breaking : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे ने चढ़ाई किसानों पर कार, कार चढ़ने से 3 किसानों की हुई मौत, 8 किसान घायल
उत्तर प्रदेश। लखीमपुर खीरी में हेलिपैड पर धरने से शुरू हुआ किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। रविवार सुबह 8 बजे किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर उतरने के लिए तिकोनिया में बनाए गए हेलिपैड को कब्जे में ले लिया गया था। दोपहर 2:45 पर जब सड़क मार्ग से दोनों नेताओं का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे दिखाने के लिए दौड़ पड़े।
इस दौरान काफिले में शामिल अजय मिश्रा के बेटे अभिषेक मिश्रा ‘मोनू’ ने अपनी गाड़ी किसानों पर कार चढ़ा दी। यह देख किसानों का गुस्सा फूट गया। किसानों ने अभिषेक की गाड़ी के अलावा एक अन्य गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। तोड़फोड़ भी हुई है। पुलिस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। वहीं, घायलों को अस्पताल भेजा गया है। भारतीय किसान यूनियन का दावा है कि 3 किसानों की मौत हो गई है। 8 किसान घायल हैं।
हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन अजय मिश्रा और डिप्टी सीएम को बनवारी गांव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है। भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं।
अजय मिश्रा ने कहा था- सुधर जाओ वरना सुधार देंगे-
दरअसल, बीते 26 सितंबर को किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर में संपूर्णानगर क्षेत्र में काले झंडे दिखाए थे। मिश्रा एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। जनसभा में उन्होंने खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से किसानों को धमकी दी थी। कहा था कि किसानों के अगुवा यानी संयुक्त किसान मोर्चा के लोग प्रधानमंत्री मोदी का सामना नहीं कर पा रहे हैं। आंदोलन को 10 महीने हो गए।
काले झंडे दिखाने वालों के लिए आगे उन्होंने कहा कि अगर हम गाड़ी से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून को लेकर केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। यदि कानून इतना गलत है तो अब तक पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था कि सुधर जाओ, नहीं तो सामना करो, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे। विधायक-सांसद से बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं चुनौती से भागता नहीं हूं।