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बड़ी खबरः महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के लगाए आरोप! क्राइम ब्रांच करेगी शिकायतों की जांच, प्रेस क्लब ने जताई नाराजगी

editor
  • Awaaz Desk
  • October 04, 2026 07:10 AM
Big News: Female journalists accuse police personnel of sexual harassment! Crime Branch to investigate the complaints; Press Club expresses displeasure.

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतें सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच अब पूरे मामले की जांच करेगी और शिकायतकर्ता महिला पत्रकारों के अलावा घटना से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इधर इस मामले में सियासत भी गरमाती नजर आ रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मामले में सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मामले की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कथित घटनाओं को लेकर नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने इन्हें क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इस मामले में एक महिला पत्रकार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस के एक एसीपी ने उनके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। पत्रकार के मुताबिक, वह प्रदर्शन को कवर करने के लिए मौके पर मौजूद थीं। इसी दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे। महिला पत्रकार का आरोप है कि उस समय मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं थी। उन्होंने इस संबंध में दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत से सवाल किया था। पत्रकार के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल पूछने के बाद एसीपी ने कथित तौर पर उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया और उन्हें पीछे धकेल दिया। महिला पत्रकार ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद वह अन्य लोगों के साथ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने गई थीं, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई थी। हालांकि, अब शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।

तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें, क्राइम ब्रांच करेगी जांच
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित घटनाओं को लेकर तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें सामने आई हैं। जिला पुलिस ने इन शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा सके। अब क्राइम ब्रांच शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पड़ताल करेगी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पत्रकारों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा मौके पर मौजूद अन्य पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और घटना से जुड़े दूसरे लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है। जांच के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने जताई नाराजगी
महिला पत्रकारों के आरोपों के बीच प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी जंतर-मंतर प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के कथित व्यवहार पर नाराजगी जताई है। प्रेस काउंसिल ने मामले पर हैरानी और निराशा व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। पीसीआई ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों के साथ इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं माना जा सकता। पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम करने और अलग-अलग मुद्दों को लेकर जुटने वाले लोगों तथा घटनाओं को रिकॉर्ड करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। प्रेस काउंसिल ने यह भी कहा कि अगर देश की राजधानी के केंद्र में भी पत्रकारों को अपना काम करने की स्वतंत्रता नहीं मिलती है तो यह भारत में मीडिया की स्वतंत्रता के लिहाज से अच्छा संकेत नहीं है। परिषद ने दिल्ली पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मीडियाकर्मियों को रिपोर्टिंग के लिए पर्याप्त जगह मिले और उन्हें किसी तरह के आक्रामक व्यवहार या धमकी का सामना न करना पड़े। मामले को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी बयान जारी कर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार पर चिंता जताई है। प्रेस क्लब ने शुक्रवार और शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर ‘हैरानी और निराशा’ व्यक्त की। प्रेस क्लब ने जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। संगठन का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारों को बिना किसी भय के अपना काम करने और घटनाओं को रिकॉर्ड करने की अनुमति मिलनी चाहिए।


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