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बड़ी खबरः धार भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला! मध्य प्रदेश में पहली बार वसंत पंचमी पर पूजा और नमाज दोनों को मंजूरी, प्रशासन को सख्त निर्देश

  • Awaaz Desk
  • January 22, 2026
Big news: Major decision in the Dhar Bhojshala controversy! For the first time in Madhya Pradesh, both worship and prayer are permitted on Vasant Panchami, with strict instructions to the administration.

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर लंबे वक्त से चले आ रहे विवाद में एक नई याचिका पर सुनवाई करते हुए वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा और नमाज पढ़ने के लिए अलग-अलग टाइमिंग की मंजूरी दी है। साथ ही मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमा नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है। दोनों पक्षों को एक साथ स्थान साझा करने के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश-निकास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस याचिका में हिंदू पक्ष ने आगामी वसंत पंचमी (23 जनवरी 2026, शुक्रवार) को भोजशाला में केवल हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की अनुमति देने और मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने से रोकने की मांग की है। वहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर की गई याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच सुनवाई कर रही है। इस याचिका में हिंदू संगठन ने भोजशाला को हिंदू मंदिर मानते हुए सरस्वती पूजा के लिए विशेष अनुमति की मांगी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मुख्य याचिका पहले ही अप्रभावी हो चुकी है और ये आवेदन एक लंबित मामले में दायर किया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि पहले की व्यवस्थाओं के अनुसार कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए जा सकते हैं। दूसरी ओर मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि पहले भी तीन बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने हिंदू पक्ष को तीन घंटे तक पूजा की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही दोबारा होने दिया जाए। जुमा की नमाज दोपहर एक से तीन बजे तक होती है, हम 3 बजे तक जगह खाली कर देंगे। हम न्यूनतम समय मांग रहे हैं और खुशी से समायोजन करने को तैयार हैं। पूजा बाहर भी जारी रह सकती है। एएसआई की ओर से पेश वकील ने बताया कि पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है और वे हिंदू पक्ष को अनुमति दे सकते हैं। हालांकि याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने जोर देकर कहा कि पूजा-अनुष्ठान सूर्योदय से सूर्यास्त तक होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नमाज शाम 5 बजे कर ली जाए तो हिंदू पक्ष पूजा पूरी कर 5 बजे जगह खाली कर देगा।
 


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