बड़ी खबरः अगले साल 1 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगी वित्तमंत्री! गांवों पर होगा फोकस, घर और रोजगार के लिए मिल सकता है 50 प्रतिशत ज्यादा पैसा
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले साल 1 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगी। खबरों की मानें तो वर्ष 2023-24 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च 50 प्रतिशत बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपए किया जा सकता है। बढ़ी रकम का इस्तमाल कोरोना महामारी के मद्देनजर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को दूर करने के लिए किया जाएगा। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को 1.36 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए थे। हालांकि यह खर्च बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। 2024 के अप्रैल-मई महीने में संभावित लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का न केवल रोजगार बढ़ाने पर जोर है, बल्कि वह किफायती घर स्कीम को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दे रही है। कोरोना के बाद गांवों में मनरेगा के जरिए रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। चालू वित्त वर्ष में बेरोजगारी दर 7% से ऊपर बनी रही। नवंबर में यह 8.04% पर है। मनरेगा के लिए इस साल 73 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा था। इसे बाद में बढ़ाकर 98 हजार करोड़ करना पड़ा है।