बड़ी खबरः 21 फरवरी तक टला शिवसेना बनाम शिंदे गुट विवाद! सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मैरिट तय करेंगे मामला 7 जजों की बेंच को भेजें या नहीं
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना बनाम शिंदे गुट विवाद पर फैसला 21 फरवरी तक टल गया है। आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि नबाम रेबिया के सिद्धांत इस मामले में लागू होते हैं या नहीं, केस को 7 जजों की बेंच को भेजा जाना चाहिए या नहीं, ये मौजूदा केस के गुण-दोष के आधार पर तय किया जा सकता है। इसे मंगलवार को सुनेंगे। सीजेआई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ इस केस को 7 जजों की बेंच को रेफर करने का फैसला एक दिन पहले सुरक्षित रख लिया था। बेंच में जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा समेत सीजेआई डीवाय चंद्रचूड़ भी शामिल थे। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को फटकार लगाई थी। CJI ने कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया में राज्यपाल को राजनीति से दूर रहना चाहिए। कोई भी धड़ा यदि सरकार बनाने का दावा करता है तो राज्यपाल को सदन में विश्वास मत सुनिश्चित करना चाहिए। बता दें कि महाराष्ट्र में जून 2022 में CM एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों को उद्धव ठाकरे गुट ने अयोग्य ठहराने की मांग की थी। हालांकि, ठाकरे गुट की मांग से पहले ही शिंदे गुट की ओर से डिप्टी स्पीकर सीताराम जिरवाल को हटाने का नोटिस लंबित था।