बिहार पुलिस का सीसीटीएनएस सर्वर ठप: हार्ड डिस्क क्रैश होने से ऑनलाइन FIR और नागरिक सेवाएं बंद, थानों में मचा हड़कंप
पटना। बिहार की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कामकाज को लेकर इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली तकनीकी खराबी सामने आई है। बिहार पुलिस मुख्यालय का मुख्य सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) सर्वर अचानक पूरी तरह ठप हो गया है। बताया जा रहा है कि सर्वर की मेन 'हार्ड डिस्क' क्रैश हो जाने के कारण यह गंभीर संकट खड़ा हुआ है। इसके चलते पूरे राज्य में ऑनलाइन FIR, केस डायरी अपलोडिंग और आम जनता से जुड़ी तमाम डिजिटल नागरिक सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। इस अप्रत्याशित तकनीकी आपातकाल से पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों के थानों तक में हड़कंप मच गया है और वरिष्ठ अधिकारी हलकान हैं।
सीसीटीएनएस सर्वर के क्रैश होने का सीधा और बेहद गंभीर असर राज्य की विधि व्यवस्था पर पड़ रहा है। इस खराबी के कारण थानों से केस डायरी और नए मामलों की एफआईआर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पुलिस मुख्यालय, विभिन्न न्यायालयों (न्यायिक कार्यों), जेलों और अन्य जांच एजेंसियों के बीच होने वाला डेटा का ऑनलाइन आदान-प्रदान (डेटा ट्रांसफर) पूरी तरह ठप हो गया है। इससे रोजमर्रा के अदालती और पुलिसिया कामों में भारी रुकावट आ रही है। इस तकनीकी खराबी की सबसे बड़ी मार आम जनता पर पड़ी है। बिहार पुलिस का 'सिटीजन सर्विसेज पोर्टल' वर्तमान में पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। इसके चलते आम नागरिक न तो ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा पा रहे हैं और न ही चरित्र प्रमाणपत्र (कैरक्टर सर्टिफिकेट), खोई हुई वस्तुओं की शिकायत या अन्य किसी वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर पा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (डायल 112) को मुस्तैद किया है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण डायल 112 के आंतरिक सामंजस्य और मैपिंग में भी तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस के आला अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एडीजी (मॉडर्नाइजेशन) के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सर्वर में आई इस बड़ी समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के मुंबई स्थित मुख्यालय से शीर्ष इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की विशेष टीम को तत्काल पटना बुलाया गया है। "सर्वर की हार्ड डिस्क क्रैश होने की वजह से ऑनलाइन सेवाओं में दिक्कत आई है। मुंबई से एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया गया है और युद्धस्तर पर खराबी को दूर करने का प्रयास चल रहा है। मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं, और जल्द ही सिस्टम को पूरी तरह री-स्टोर कर लिया जाएगा।" जब तक सर्वर पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक राज्य के सभी थानों को मैन्युअल रूप से रिकॉर्ड बनाए रखने और बेहद जरूरी कागजी कार्रवाई को पुराने ढर्रे पर करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की अलग-अलग टीमें इस तकनीकी आपदा से निपटने और डेटा बैकअप को सुरक्षित रिकवर करने में जुटी हुई हैं। बहरहाल, इस घटना ने डिजिटल इंडिया के इस दौर में सरकारी विभागों के पास मजबूत बैकअप सिस्टम न होने पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।