बीजेपी का बड़ा दांव: राज्यसभा चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों की सूची जारी; पूनिया, तरुण चुघ और शारदा देवी पर भरोसा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने साल 2026 के राज्यसभा चुनाव और आगामी उप-चुनाव के लिए अपने 10 उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। इस नई सूची के जरिए भाजपा हाईकमान ने अनुभवी चेहरों और मजबूत क्षेत्रीय क्षत्रपों पर बड़ा दांव खेला है। पार्टी के इस कदम को आगामी संगठनात्मक फेरबदल और भविष्य की चुनावी रणनीतियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सूची में गुजरात से सबसे ज्यादा चार, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश से 2-2 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। भाजपा ने इस बार पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश से अपने कद्दावर नेता ताई तागाक को मैदान में उतारा है, वहीं मणिपुर से अनुभवी नेता ए. शारदा देवी को टिकट देकर चौंकाया है। मध्य प्रदेश में पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल जैसी मजबूत जोड़ी को उच्च सदन भेजने का फैसला किया है। वहीं, राजस्थान की सियासत में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला है; यहाँ से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया गया है।
एक नजर में: राज्यसभा उम्मीदवार 2026
क्र. प्रदेश का नाम उम्मीदवार का नाम
1 अरुणाचल प्रदेश ताई तागाक
2 गुजरात राजूभाई शुक्ला
3 गुजरात मुकेशभाई राठवा
4 गुजरात मानसिंह परमार
5 गुजरात जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया
6 मध्य प्रदेश तरुण चुघ
7 मध्य प्रदेश रजनीश अग्रवाल
8 मणिपुर ए. शारदा देवी
9 राजस्थान डॉ. अलका गुर्जर
10 राजस्थान डॉ. सतीश पूनिया
मुख्य सूची के साथ ही भाजपा ने ओडिशा में होने वाले राज्यसभा उप-चुनाव 2026 के लिए भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने यहाँ से देबाशीष सामंतराय को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इस पूरी सूची में गुजरात का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जहाँ से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को मैदान में उतारा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गुजरात में पार्टी ने आदिवासी, पिछड़े और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए एक बेहद सोची-समझी 'सोशल इंजीनियरिंग' की है। सभी राज्यों में स्थानीय संतुलन और सांगठनिक वफादारी को तवज्जो देकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह संसद के उच्च सदन में अनुभवी और जमीनी नेताओं की फौज खड़ी करना चाहती है।