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उत्तराखंड में बीजेपी का 'मिशन-65' एक्टिवेट: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की धारदार प्लानिंग, विकास के साथ धार्मिक मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा

editor
  • Tapas Vishwas
  • November 06, 2026 12:11 PM
BJP’s ‘Mission-65’ activated in Uttarakhand: Union Home Minister Amit Shah’s sharp strategy targets Congress by focusing on both development and religious issues.

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के प्रथम आयोजन के मौके पर राजधानी देहरादून में आयोजित एक विशाल जनसभा के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंक दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे ने प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत तमाम कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी और करीब 25 हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़ के बीच इस आयोजन को भाजपा के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण गृह मंत्री अमित शाह का वह धारदार भाषण रहा, जिसने पार्टी के आगामी चुनावी एजेंडे की रूपरेखा स्पष्ट कर दी है।

आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। राज्य स्थापना दिवस के प्रथम आयोजन के अवसर पर देहरादून पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन के जरिए प्रदेश भाजपा के चुनावी अभियान का स्पष्ट संकेत दे दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम को भाजपा ने बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया। करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटने का दावा किया गया। हालांकि कार्यक्रम में विकास और सरकारी उपलब्धियों की चर्चा हुई, लेकिन सबसे अधिक राजनीतिक संदेश अमित शाह के मिशन-65 के ऐलान और उनके भाषण में उठाए गए मुद्दों से निकला। अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में 40-45 सीटों के लक्ष्य तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इस बार 65 सीटें जीतकर सरकार बनाने के संकल्प के साथ मैदान में उतरेगी। वर्ष 2017 और उसके बाद के विधानसभा चुनावों में पार्टी की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश भाजपा के सामने संगठन को मजबूत करने, सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और चुनावी लक्ष्य के अनुरूप काम करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। शाह का भाषण केवल विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया। तीन तलाक और यूसीसी का जिक्र करते हुए उन्होंने जनता से सीधे सवाल किया कि क्या उत्तराखंड में अब कोई व्यक्ति तीन शादियां कर सकता है? इसके जरिए उन्होंने समान नागरिक संहिता के महत्व को समझाने का प्रयास किया। वहीं, अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार अवैध कब्जे हटा रही है तो किसी को इससे परेशानी क्यों होनी चाहिए? अपने संबोधन में मस्जिद, मजार और मदरसों जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। इसके अलावा जुमे की छुट्टी और धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों को भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखा। इससे संकेत मिला कि भाजपा आगामी चुनाव में विकास के साथ-साथ अपनी वैचारिक और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं को भी जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी। कार्यक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अमित शाह के आने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। उनके भाषण का एक-एक शब्द आगामी विधानसभा चुनाव का शंखनाद था। कौशिक ने यह भी स्पष्ट किया कि अमित शाह ने केवल धार्मिक मुद्दों पर बात नहीं की, बल्कि उत्तराखंड के विकास, देश की तरक्की और सीमाओं की सुरक्षा जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो अमित शाह का देहरादून दौरा प्रदेश भाजपा के लिए चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण संकेत बनकर सामने आया है। मिशन-65 के लक्ष्य के साथ पार्टी अब धामी सरकार के फैसलों और उपलब्धियों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने की तैयारी में है। दूसरी ओर कांग्रेस के सामने भाजपा के इस अभियान का राजनीतिक जवाब देने की चुनौती होगी। अब देखना होगा कि भाजपा का घोषित चुनावी लक्ष्य संगठन और जनता के बीच किस तरह जमीन पर उतरता है और विपक्ष इन मुद्दों पर अपनी रणनीति किस रूप में सामने रखता है।


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