हरिद्वार में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, अमित शाह की मौजूदगी में प्रदेश कोर कमेटी की अहम बैठक
हरिद्वार। उत्तराखंड में भाजपा सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के बीच हरिद्वार में पार्टी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान भाजपा प्रदेश नेतृत्व की अहम कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के विकास कार्यों पर व्यापक मंथन किया गया। गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने पहले सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जनसभा के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं की कोर कमेटी की बैठक शुरू हुई। इस बैठक में प्रदेश के प्रमुख नेताओं के साथ सरकार और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजय कुमार और निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और डॉ. धन सिंह रावत भी बैठक में शामिल हुए। कोर कमेटी की इस अहम बैठक में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार और तरुण बंसल भी मौजूद रहे। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत ने भी बैठक में भाग लिया। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल हुए। जानकारी के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के करीब 24 शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और संगठन को मजबूत करने, सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। भाजपा नेतृत्व राज्य में विकास कार्यों और सरकार की नीतियों को लेकर जनता के बीच मजबूत संदेश देने की तैयारी में जुटा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इससे एक ओर जहां संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय का संदेश गया, वहीं आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति को भी धार देने का प्रयास किया गया। भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम और उसके बाद हुई कोर कमेटी की बैठक ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक दिशा और रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।