देहरादून में रसोई गैस की कालाबाजारी! सिलिंडर मिला नहीं, फोन पर आ गया डिलिवर्ड का मैसेस
देहरादून। पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के कारण आजकल गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ रही है। गैस एजेंसी में गैस सिलिंडरों की कलाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन भी सक्रिय है। उसके बावजूद डाईवाला में सिलिंडरों की कालाबाजारी हो रही है। गढ़वाल मंडल विकास निगम की गैस एजेंसी डोईवाला गैस सर्विस में शनिवार को कई उपभोक्ता ऐसे आए। जिन्होंने बताया कि उन्होंने गैस बुक नहीं कराई थी लेकिन उन्हें बुकिंग और सिलिंडर डिलिवर्ड का मैसेस भी आ गया। ऐसी शिकायतों का एजेंसी प्रबंधक कोई जबाव नहीं दे पाया। इस मामले में तहसीलदार ने कहा कि अगर ऐसे मामले आ रहे है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शनिवार को डोईवाला गैस सर्विस में सुबह करीब 11 बजे जौलीग्रांट कोठारी मोहल्ला के एक उपभोक्ता अपनी माता अमिता देवी की गैस पासबुक लेकर पहुंचे और गैस बुक करने को कहा। एजेंसी स्टाफ ने कहा कि उनकी गैस 25 दिन बाद बुक होगी। जिस पर उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने गैस बुक ही नहीं कराई थी न ही सिलिंडर लिया। लेकिन उनके फोन पर 26 फरवरी को गैस बुकिंग का मैसेज आया और दो मार्च को सिलिंडर डिलिवरी का मैसेज भी आ गया। उपभोक्ता के पूछने पर ऐसा कैसे हुआ इसका एजेंसी स्टाफ कोई जवाब नहीं दे पाया। दूसरे उपभोक्ता यशवंत सिंह के पुत्र ने बताया कि पांच मार्च को गैस बुक कराई थी लेकिन उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिला। वहीं 11 मार्च को गैस डिलिवर्ड का उनके फोन में मैसेज आ गया है। उन्होंने भी अपनी इस समस्या का समुचित जवाब नहीं मिला। जब उन्होंने ज्यादा पूछा तो एजेंसी स्टाफ भड़क गया और उन्हें 25 दिन बाद आने को कहा। गैस एजेंसी में ऐसे कई उपभोक्ता पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनको सिलिंडर तो नहीं मिला परंतु डिलिवर्ड का मैसेज उनके फोन में आ गया। इस मामले की शिकायत लेकर उक्त उपभोक्ता विकासखंड स्थित आपूर्ति कार्यालय पहुंचे। लेकिन छुट्टी के चलते कार्यालय बंद था। जिससे वह अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाए और मायूस होकर लौट गए। इस मामले में तहसीलदार चमन सिंह ने बताया कि कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी कालाबाजारी में लिप्त पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर दिए गैस डिलीवर्ड दिखाई गई है इस मामले की जांच करवाई जाएगी। उसमें जो दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एजेंसी प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।