जहानाबाद में खूनी तांडव: अवैध बालू के खेल में गरजीं बंदूकें,दनादन बरसीं गोलियां,कई लोगों के पेट,छाती और पैर में फंसी बुलेट
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाती हुई एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। घोसी थाना क्षेत्र में बालू के अवैध उठाव और वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच शनिवार को खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दोनों ओर से बिना किसी खौफ के दर्जनों राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। बंदूकों की इस गूंज में छह लोग गोली लगने से लहूलुहान हो गए, जिनके पेट, छाती और पैर में गोलियां धंस गई हैं। दिनदहाड़े हुई इस गोलाबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह पूरी घटना घोसी थाना क्षेत्र के चैती-पीपर और गिंजी गांव के बीच की है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों गांवों के बीच पिछले कई महीनों से बालू के उठाव को लेकर भीतर ही भीतर विवाद सुलग रहा था। शनिवार को इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। पहले तीखी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते लाठी-डंडे और फिर सीधे तौर पर हथियारों की हिंसक जंग में बदल गई। अपराधियों ने दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
गोलीबारी की इस भीषण घटना में घायल हुए लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए सभी को जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, दो मरीजों की नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना पीएमसीएच भेजा गया है। घायलों में चैती-पीपर गांव के निवासी दिनेश राम,अजय राम, सुधीर राम, धीरज कुमार और विजय राम शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष के गिंजी गांव का विष्णु कुमार भी गंभीर रूप से जख्मी है। डॉक्टरों के मुताबिक, दिनेश राम के पैर में गोली लगी है, जबकि धीरज कुमार के सीने में गोली धंसने के कारण उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यह घटना जिले में प्रशासन की चौकसी पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की रोक के बावजूद जहानाबाद के इस इलाके में अवैध बालू खनन और उठाव का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिसके कारण आए दिन ऐसे हिंसक टकराव होते हैं। फिलहाल,घोसी थाने की पुलिस और अतिरिक्त बल मौके पर कैंप कर रहा है। पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस अपराधियों की धर-पकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।