सिवान में खूनी रोड रेज: बीजेपी नेता के भांजे की सरेराह हत्या, पुलिस ने एनकाउंटर में मुख्य आरोपी को दबोचा
सिवान। बिहार के सिवान जिले में बुधवार की शाम मामूली विवाद ने ऐसी खूनी शक्ल अख्तियार की कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जिले के कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के 28 वर्षीय भांजे हर्ष कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि, पुलिस ने भी अपनी सक्रियता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर रात के अंधेरे में मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को पैर में गोली मारकर ढेर कर दिया और गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम हर्ष कुमार सिंह अपने पिता चंदन सिंह के साथ एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। टाउन थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर-आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास उन्होंने अपनी कार रोकी और परिवार के अन्य सदस्यों का इंतजार करने लगे। इसी बीच एक तेज रफ्तार कार उनकी गाड़ी से सटकर गुजरी। इसी मामूली बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दूसरी कार में सवार बदमाशों ने आपा खो दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों ने हर्ष को निशाना बनाकर कई गोलियां दागीं। हर्ष लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बीच-बचाव करने आए उनके पिता चंदन सिंह को भी गोलियां लगी हैं। वे अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं और उनकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद जिले के एसपी पुरन कुमार झा के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी छोटू कुमार यादव (निवासी हथौड़ा) को ट्रैक किया। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे जब पुलिस ने छोटू को घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जो आरोपी के दोनों पैरों में लगीं। घायल अवस्था में उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया है। एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि मुख्य आरोपी गिरफ्त में है, लेकिन इस वारदात में शामिल अन्य अपराधियों की भी शिनाख्त कर ली गई है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने कहा, "कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हम रोड रेज के पीछे के असली कारणों और आरोपी के आपराधिक इतिहास की गहन जांच कर रहे हैं।" इस वारदात ने एक बार फिर बिहार में बेखौफ अपराधियों और सड़क पर बढ़ते गुस्से की गंभीर तस्वीर पेश की है।