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दुस्साहसः बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी का वीडियो वायरल! युवकों ने रास्ता रोककर की गाली-गलौज और अभद्रता, आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश

editor
  • Awaaz Desk
  • September 21, 2026 07:09 AM
Brazen Act: Video of the harassment of a minor schoolgirl in Bihar's Jamui goes viral! Youths blocked her path, hurled abuse, and engaged in indecent behavior; raids are underway to arrest the accused.

जमुई। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की शाम जमुई सदर थाना क्षेत्र में स्कूटी से घर लौट रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को 6-7 युवकों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की। इस दौरान नाबालिग छात्रा के साथ अनुचित तरीके से छूने की भी शिकायत सामने आई है। आरोपितों ने कथित तौर पर घटना का वीडियो बनाया और बाद में उसे वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नवीन ने पुलिस को मामले का स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद जमुई सदर थाना पुलिस ने वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने साइबर सेल और अन्य माध्यमों की मदद से वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान कर उनके परिवार से संपर्क किया। अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ितों की निजता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उनका बयान गोपनीय तरीके से दर्ज किया गया। इसके बाद जमुई सदर थाने में पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, वीडियो के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान कर ली गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना का वीडियो किसने बनाया और उसे इंटरनेट मीडिया पर किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया। जांच के आधार पर मामले में साइबर अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। प्रशासन ने नाबालिग छात्र-छात्रा की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाला कोई वीडियो, फोटो या अन्य सामग्री इंटरनेट मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करना पीड़ितों की निजता और कानून दोनों के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी देखी जा रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने घटना को शर्मनाक बताते हुए पुलिस से मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि घटना 19 सितंबर की शाम जमुई सदर थाना क्षेत्र की है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया। दोनों नाबालिगों की पहचान कर उनका पक्ष जाना गया है और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वीडियो में दिखाई दे रहे आरोपितों की पहचान भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नाबालिगों की निजता का पूरा ध्यान रखते हुए मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपित युवकों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। 


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