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बड़ी खबरः हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ मामले में FIR दर्ज, अज्ञात के खिलाफ BNS और SC/ST एक्ट की धाराओं में मुकदमा, पुलिस ने शुरू की जांच

editor
  • Awaaz Desk
  • September 08, 2026 12:09 PM
Breaking News: FIR registered in the Haldwani ‘purification’ incident; case filed against unknown persons under sections of the BNS and the SC/ST Act; police have initiated an investigation.

हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण की कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने इस कार्रवाई को जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति कथित घृणा और हीनता के भाव से जोड़ते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले की जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। जांच के दौरान घटना से संबंधित वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पर सामने आए पोस्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई में कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका थी। जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ घटना के उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का भी परीक्षण करेंगे। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुद्धिकरण के मामले को लेकर कांग्रेस लगातार पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही थी। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद इस राजनीतिक विवाद में पुलिस जांच का अध्याय भी जुड़ गया है। कांग्रेस की ओर से लगातार आरोप लगाया जाता रहा है कि रैली के बाद हुई कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई सामाजिक और राजनीतिक रूप से आपत्तिजनक थी। वहीं, मामले में पुलिस द्वारा अब कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


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