बड़ी खबरः भूकंप के शक्तिशाली झटकों से दहला वेनेजुएला! कराकास समेत कई शहरों में तबाही का मंजर, लाखों लोग प्रभावित
नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 24 जून 2026 की शाम को महज 40 सेकंड के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई, जिससे राजधानी कराकास सहित कई बड़े शहरों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वेनेजुएला के पिछले एक सदी के इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक माना जा रहा है। भूकंप के कारण इमारतें ढह गईं, सड़कों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और कई इलाकों में बिजली तथा संचार सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं।
40 सेकंड में दो बड़े झटकों ने मचाई तबाही
भूकंप का पहला झटका रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया, जिसने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। लेकिन इससे पहले कि लोग संभल पाते, करीब 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका आया, जिसने विनाश की भयावह तस्वीर सामने ला दी। वैज्ञानिकों ने इसे एक दुर्लभ "डबलेट अर्थक्वेक इवेंट" बताया है, जिसमें पहला भूकंप दूसरे और अधिक शक्तिशाली झटके को ट्रिगर करता है। दोनों भूकंपों का केंद्र याराकुई राज्य के आसपास था, जो राजधानी कराकास से लगभग 160 से 200 किलोमीटर दूर स्थित है।
राजधानी कराकास समेत कई शहरों में भारी नुकसान
भूकंप के झटके राजधानी कराकास, ला ग्वायरा, याराकुई, काराबोबो और आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक महसूस किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारतें हिलने लगीं, दीवारें टूटने लगीं और कई पुराने भवनों के बड़े हिस्से धराशायी हो गए। कराकास में लोग अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों से जान बचाकर सड़कों पर भागते नजर आए। कई इलाकों में तीन से चार मंजिला इमारतों के गिरने की खबरें सामने आई हैं। वहीं ला ग्वायरा राज्य में दर्जनों भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।
80 लाख लोगों ने महसूस किए झटके
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार लगभग 80 लाख लोगों ने इन शक्तिशाली झटकों को महसूस किया। भूकंप की गहराई अपेक्षाकृत कम होने के कारण सतह पर इसका प्रभाव अत्यधिक विनाशकारी रहा। मुख्य भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी झटके महसूस किए जा सकते हैं।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन राहत एजेंसियों का मानना है कि यह संख्या काफी बढ़ सकती है। कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं और दूरदराज के इलाकों से पूरी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि बचाव कार्य लगातार जारी है और सरकार हर प्रभावित क्षेत्र तक सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने माना कि मौतों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं USGS ने आशंका जताई है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आए इस भूकंप के कारण मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुरानी और भूकंप-रोधी मानकों पर खरी न उतरने वाली इमारतें मौजूद हैं।
बिजली, पानी और संचार व्यवस्था ठप
भूकंप के कारण देश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। पानी की पाइपलाइनें टूट गई हैं और संचार नेटवर्क भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे लोग अपने परिवारों और रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। कई इलाकों में लोगों ने रात खुले आसमान के नीचे बिताई। मोमबत्तियों और टॉर्च की रोशनी में लोग अपने परिवारों के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते दिखाई दिए। वेनेजुएला के तेल उत्पादन और रिफाइनरी क्षेत्रों पर भी भूकंप का प्रभाव पड़ा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े औद्योगिक हादसे की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई संयंत्रों में एहतियात के तौर पर उत्पादन गतिविधियों को सीमित कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल उद्योग लंबे समय तक प्रभावित रहा तो पहले से आर्थिक संकट झेल रहे देश की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की गई है। पड़ोसी देशों और वैश्विक संगठनों से राहत सामग्री, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और विशेषज्ञ टीमों की मांग की गई है। पहले से आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और गरीबी से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए यह भूकंप एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पानी और दवाओं की कमी की खबरें मिल रही हैं। स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि कई अस्पताल आंशिक रूप से संचालित हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
