नैनीताल:केवल महिलाओं में ही नही बल्कि पुरुषों में भी होता ब्रेस्ट कैंसर,प्यार और देखभाल रखें, आशा फाउंडेशन और ब्रेस्ट कैंसर हब अमेरिका ने किया कैंसर के प्रति जागरूक
नैनीताल की आशा फाउंडेशन की ओर से इनदिनों ब्रेस्ट कैंसर को लेकर पिंक मुहिम चलाई जा रही है। आशा फाउंडेशन की ओर से पिछले कई सालों से पिंक अभियान के तहत कैंसर के खिलाफ जंग जारी है। इसी कड़ी में आज नैनीताल के डीएसबी कैम्पस और नैनीताल क्लब के शैले हॉल में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आशा फाउंडेशन और अमेरिका की ब्रेस्ट कैंसर हब के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में अमेरिका से आई डॉक्टर लोपामुद्रा दास राय ने न सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर बल्कि शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाले कैंसर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी और बताया कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं में ही नही बल्कि पुरुषों में भी देखा गया है। कैंसर छुपाने की बीमारी नही है बल्कि इस पर खुल कर बात करने की शुरुआत करनी होगी। कैंसर छुआछूत की बीमारी नही है इसीलिए कैंसर के मरीजो से प्यार से पेश आये,उन्हें अकेला बिल्कुल भी न छोड़े। उन्होंने एक कैंसर मरीज को याद करते हुए बताया कि अमेरिका में एक कैंसर मरीज महिला ने अपने पूरी तरह ठीक होने का श्रेय अपने बच्चों को दिया क्योंकि महिला के बच्चे हर रोज ( यू आर स्ट्रांग) प्रिंटेड टी शर्ट पहनकर अपनी कैंसर पीड़ित मां को मोटिवेट करते थे,उन बच्चों को देखकर महिला के मन मे सकारात्मक विचार आने शुरू हुए और इसका असर ये हुआ कि दवाइयों ने भी अपना काम दोगुनी रफ़्तार से किया,इसीलिए हर बीमारी में प्यार और केयर बेहद ज़रूरी है।
डीएसबी
उन्होंने ये भी बताया कि ज़्यादातर मामलों में कैंसर की स्टेज का लोगो को पता नही चलता क्योंकि कैंसर पेनलेस भी होता है इसीलिए कैंसर की जांच आप खुद भी कर सकते है,और 40 पार कर चुकी महिलाओं को साल में एक बार मेमोग्राफी ज़रूर करवानी चाहिए साथ ही जेनेटिक टेस्ट भी अवश्य करवाना चाहिए,क्योंकि जिन परिवारों में कैंसर हो चुका होता है वहां कैंसर जेनेटिक रूप से हो सकने की संभावना अधिक होती है। डॉक्टर लोपामुद्रा भारत के कई ग्रामीण इलाकों में जाकर कैंसर के प्रति लोगो को जागरूक कर रही है। उनका कहना है कि यदि हम वक्त रहते इस खतरे को भांप ले तो कई माताओं और बहनों को मौत के मुंह मे जाने से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में नैनीताल की डॉ गीतिका गंगोला ने कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि कैंसर मरीज को अक्सर लोग अकेले छोड़ देते है उन्हें एकांतवास(Isolation) में रखते हैं इससे वो रिकवर नही हो पाते बल्कि उनकी स्थिति और ज़्यादा खराब हो जाती है,इसीलिए उनके साथ बेहद विनम्रता और प्यार के साथ पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी टीम द्वारा घर घर जाकर होम केयर से लेकर हर संभव मदद की जा रही है।
आशा फाउंडेशन की संस्थापक आशा शर्मा ने बताया कि हमारी मुहिम इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी,वर्तमान में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित कई महिलाओं को संस्था की ओर से निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा संस्था की ओर से दिल्ली में फ़ोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिससे होने वाली आमदनी भी कैंसर पीड़ितों पर ही खर्च की जाएगी। इसके अलावा आशा फाउंडेशन की ओर से नैनीताल के पास खुर्पाताल क्षेत्र के दो गांवों को भी गोद लिया जा रहा है।
इस मौके पर आशा शर्मा,डॉक्टर लोपामुद्रा,डॉक्टर गीतिका गंगोला,डॉक्टर अनिरुद्ध गंगोला,अनिल शर्मा,प्रो ललित तिवारी,डीएसबी कैम्पस के स्टाफ मेम्बर,छात्र छात्राएं, सम्भव,निश्चल, नीलू एलहन्स,मधु विग,राजीव लोचन साह,पूर्व विधायक जंतवाल,ईशा साह,गीता साह,मुन्नी तिवारी,सरस्वती खेतवाल,पल्लवी जोशी,डॉक्टर कासिम, गीतांजलि सिंह,शहीद सैनिक स्कूल,बालिका स्कूल की छात्राएं,अध्यापिकाए मीडिया इत्यादि मौजूद थे।