ऑनलाइन नंबर प्लेट मंगवाने वाले सावधान! परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, दो दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस
देहरादून। यदि आप भी अपने वाहन को स्टाइलिश लुक देने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से फैंसी नंबर प्लेट ऑर्डर करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। परिवहन विभाग ने ऑनलाइन मिलने वाली ऐसी नंबर प्लेटों को पूरी तरह अवैध और नकली करार देते हुए बड़ा शिकंजा कसा है। देहरादून में फर्जी नंबर प्लेटों के खिलाफ चल रहे महाअभियान के बीच आरटीओ प्रशासन ने दो बड़ी ऑनलाइन कंपनियों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने इन कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से सभी गैर-मानक, फैंसी और अवैध नंबर प्लेटों की बिक्री तुरंत रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली ये 'कस्टमाइज्ड' नंबर प्लेटें केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 50 और 51 का सीधा उल्लंघन हैं। इन प्लेटों में न तो कोई सुरक्षा फीचर्स होते हैं और न ही लेजर कोड। यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बन चुकी हैं। आशंका है कि इन अवैध प्लेटों का इस्तेमाल वाहनों की पहचान छिपाने, ट्रैफिक पुलिस के 'ई-चालान' से बचने और बड़ी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। परिवहन विभाग की टीम ने हाल ही में रायपुर क्षेत्र में एक दुकान पर छापेमारी कर 40 से 50 फर्जी नंबर प्लेटें बरामद कीं और दुकान को तुरंत सील कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ऑनलाइन साइट्स 'नॉन-एचएसआरपी' लिखकर ये प्लेटें बेच रही हैं, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, देश में केवल हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट ही मान्य है। साल 2019 के बाद रजिस्टर्ड हुई सभी नई गाड़ियों में नंबर प्लेट केवल अधिकृत डीलर के माध्यम से ही लगाई जा सकती है। उससे पहले के पुराने वाहनों के लिए परिवहन मुख्यालय द्वारा पैनल में शामिल की गई चुनिंदा एजेंसियों को ही यह अधिकार दिया गया है। आरटीओ विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी झांसे में न आएं। नया वाहन खरीदने पर डीलर ही आपको नंबर प्लेट देगा। यदि आपके पुराने वाहन की एचएसआरपी प्लेट टूट गई है या खराब हो गई है, तो उसे केवल सरकार द्वारा अधिकृत 'बुक माय एचएसआरपी' पोर्टल या मुख्यालय द्वारा जारी अन्य 5 प्राधिकृत पोर्टलों के जरिए ही ऑनलाइन ऑर्डर करें। किसी भी अन्य रैंडम शॉपिंग साइट से खरीदी गई नंबर प्लेट पाए जाने पर वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।