नीट पेपर लीक में सीबीआई का महाधमाका: कोचिंग संचालक गिरफ्तार; प्रोफेसर और एक्सपर्ट्स ने ही बेचे थे '101 सवाल', 600 नंबर की थी गारंटी
नई दिल्ली। देशभर में तहलका मचाने वाले नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। महाराष्ट्र में ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए सीबीआई ने एक नामी कोचिंग संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। यह कामयाबी सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और आरोपियों के मोबाइल से मिली व्हाट्सएप चैट्स के बाद मिली है। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि पेपर लीक रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें शामिल असली गुनहगारों को बेनकाब करने के लिए चौतरफा शिकंजा कसा जा रहा है।
सीबीआई की जांच में जो सबूत हाथ लगे हैं, उन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट्स से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को "101 सवाल" और उनके सटीक उत्तर सौंप दिए गए थे। इतना ही नहीं, पेपर बेचने वाले इस गिरोह ने मोटी रकम के बदले उम्मीदवारों को 720 में से 500 से 600 अंक दिलाने की 100% लिखित गारंटी दी थी। जांच में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अंदरूनी लोगों की मिलीभगत सामने आई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट्स और प्रोफेसरों ने ही पैसों की खातिर देश के लाखों छात्रों के भविष्य का सौदा कर दिया। पुणे की यह सीनियर बॉटनी टीचर एनटीए के उस गोपनीय पैनल का हिस्सा थीं, जो नीट का प्रश्न पत्र तैयार करता था। इन्होंने ही पेपर लीक की पूरी स्क्रिप्ट लिखी। केमिस्ट्री के इस नामी प्रोफेसर ने परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़े होने का फायदा उठाकर पेपर बाहर निकालने में मुख्य भूमिका निभाई। पेशे से ब्यूटीशियन मनीषा इन प्रोफेसरों के संपर्क में थी और मोटी असामियों (छात्रों और अभिभावकों) को ढूंढकर सीक्रेट कोचिंग क्लासेज तक पहुंचाती थी, जहाँ असली पेपर रटवाया जाता था। इस रैकेट को ध्वस्त करने के लिए सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर में एक नामी कोचिंग संस्थान पर आधी रात को छापा मारा। मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब तक महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और गुरुग्राम समेत देश के कई हिस्सों से 9 से अधिक मुख्य आरोपियों को दबोच चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है; आने वाले दिनों में कुछ और बड़े रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं। इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि अब लाखों छात्रों को इंसाफ मिलने की उम्मीद जग गई है।