मेधावी छात्रों के सपनों को पंख देगी 'सीसीएल विद्या सारथी' योजना, मुफ्त में होगी मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी
रांची। आर्थिक तंगी के कारण देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रहने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के तहत ‘सीसीएल विद्या सारथी’ योजना की शुरुआत की है। इस जनकल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को बिना किसी वित्तीय बोझ के देश की शीर्ष प्रवेश परीक्षाओं के योग्य बनाना है।
सीसीएल प्रबंधन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस महत्वकांक्षी योजना के तहत वर्ष 2028 की इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को ध्यान में रखकर दो वर्षीय विशेष और पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है। योजना के सफल संचालन के लिए राज्यभर में कुल 10 विशेष अध्ययन केंद्र बनाए गए हैं, जहां अधिकतम 400 मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें तराशा जाएगा। इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की कमान 'नेशनल कंप्यूटर एंड स्किल मिशन' के हाथों में सौंपी गई है, जो छात्रों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस कोचिंग प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत इसका शेड्यूल है। चयनित छात्र-छात्राओं की नियमित स्कूली शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्य रूप से शनिवार और रविवार (वीकेंड्स) को ऑफलाइन मोड में विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इससे बच्चे अपनी बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के बीच आसानी से तालमेल बिठा सकेंगे। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा और छात्रों से किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीसीएल ने इस योजना का लाभ एकदम सही और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। छात्र ने इसी वर्ष यानी वर्ष 2026 में अपनी कक्षा 10वीं की परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। आवेदक का निवास स्थान सीसीएल की किसी भी खदान या आधिकारिक कार्यालय से 25 किलोमीटर के दायरे (परिधि) के भीतर होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत बच्चों को पढ़ाई का बेहतरीन माहौल देने के लिए प्रतिष्ठित डीएवी विद्यालयों को अध्ययन केंद्र के रूप में चुना गया है। इन्हीं स्कूलों के कैंपस में विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा ऑफलाइन कक्षाएं ली जाएंगी। सीसीएल की इस 'विद्या सारथी' योजना के शुरू होने से कोयलांचल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय अभिभावकों और बुद्धिजीवियों ने सीसीएल के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उनका कहना है कि यह योजना गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के उन बच्चों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को सच करेगी, जो भारी-भरकम फीस के कारण नामी कोचिंग संस्थानों में नहीं जा पाते थे।