चाईबासा ट्रेजरी घोटाला: ₹26 लाख की अवैध निकासी मामले में राष्ट्रीय फुटबॉलर गोराचांद मरांडी सीआईडी के रडार पर; मुख्य आरोपी ने खाते में भेजे थे पैसे
चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में सरकारी खजाने से 26 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी के सनसनीखेज मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के डीडीओ कोड का दुरुपयोग कर अंजाम दिए गए इस ट्रेजरी घोटाले की आंच अब खेल जगत तक पहुंच गई है। झारखंड की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुके प्रसिद्ध फुटबॉलर गोराचांद मरांडी का नाम अब जांच एजेंसियों की रडार पर आ गया है।
सीआईडी द्वारा की जा रही गहन तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी ने सरकारी राशि का एक हिस्सा इस खिलाड़ी के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था। अब तक हुई सीआईडी जांच के अनुसार, चाईबासा एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात सिपाही देव नारायण मुर्मू ब्लेकर (आरक्षी संख्या 1184) इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है। मुख्य आरोपी देव नारायण ने सरकारी रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा में कथित तौर पर अवैध रूप से छेड़छाड़ की। उसने सिस्टम में कुछ बैंक खातों को 'मल्टीपल पेयी' (एक से अधिक बार भुगतान पाने वाले) के रूप में दर्ज कर दिया। इस डिजिटल हेरफेर के जरिए सरकारी खजाने से कुल 26,21,717 रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से ट्रांसफर कर दी गई। जैसे-जैसे सीआईडी ने पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ीं, वैसे-वैसे इस घोटाले में नई परतें खुलती गईं। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी सिपाही देव नारायण ने राष्ट्रीय फुटबॉलर गोराचांद मरांडी के बैंक खाते में 1,67,000 रुपये स्थानांतरित किए थे। इस खुलासे के बाद से ही गोराचांद मरांडी जांच एजेंसी की निगरानी सूची में शामिल हो गए हैं और उनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है। मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले का रहने वाला गोराचांद मरांडी फुटबॉल के मैदान पर एक जाना-माना नाम है। वह झारखंड के लिए प्रतिष्ठित संतोष ट्रॉफी और कई अन्य राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल चुका है। 2020 में उसने दो साल के लिए जेएफसी (JFC) जूनियर साइन किया था। पिछले तीन सीजन से वह जमशेदपुर फुटबॉल लीग में खेल रहा है। दो साल टाटा मोटर्स के साथ बिताने के बाद, अंतिम सीजन में उसने टाटा स्टील की टीम से खेलते हुए उसे फाइनल का खिताब दिलाया था। वह अपने बेहतरीन खेल के साथ-साथ मैदान पर अपने शानदार और अनोखे हेयर स्टाइल के लिए भी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। वर्तमान में वह चाईबासा में रहकर ही खेल गतिविधियों से जुड़ा है। सीआईडी की वित्तीय जांच में जिन प्रमुख बैंक खातों के जरिए सरकारी राशि का हेरफेर किया गया है, उनकी पहचान कर ली गई है। खाता संख्या 31285896907 (पूर्वी सिंहभूम) - यह खाता सितंबर 2017 से मई 2022 तक सक्रिय रहा। खाता संख्या 37885151142 (रांची) यह खाता सितंबर 2018 से फरवरी 2023 तक सक्रिय रहा। खाता संख्या 33913184180 - यह खाता फरवरी 2021 से अक्टूबर 2024 तक सक्रिय पाया गया। खाता संख्या 41378095759 (मयूरभंज, ओडिशा)। सरकारी खजाने में हुई इस बड़ी सेंधमारी के बाद सीआईडी सभी खातों के लेन-देन के इतिहास को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले के तार और किन-किन लोगों से जुड़े हैं।