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चारधाम यात्रा का महा-रिकॉर्ड: 28 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, मानसून से पहले सीएम धामी ने संभाला मोर्चा

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 02, 2026 01:06 PM
Chardham Yatra Sets a Grand Record: 2.8 Million Devotees Offer Prayers; CM Dhami Takes Charge Ahead of the Monsoon

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा अपने पूरे चरम पर है। अब तक 28 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर नया रिकॉर्ड बना चुके हैं। आगामी दिनों में मानसून की दस्तक और श्रद्धालुओं की बढ़ती भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 2 जून को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में सीएम धामी ने कड़े लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र 'सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद' होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिया कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा और इसका सख्ती से पालन कराया जाए। इसके अलावा, आम यात्रियों को जाम से बचाने के लिए ट्रकों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही चलने की अनुमति दी जाएगी, दिन के समय इनका संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। धामों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने चारों धामों की क्षमता के अनुसार विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी धाम या पड़ाव पर क्षमता से अधिक भीड़ होती है, तो नीचे बने होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर ही यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से रोका जाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को सिर्फ रोका न जाए, बल्कि उन्हें रोकने का कारण और संभावित प्रतीक्षा अवधि की पूरी जानकारी दी जाए। साथ ही रोके गए स्थानों पर भोजन, पेयजल, पार्किंग और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। सीएम धामी ने कहा कि यात्रियों को सूचना के अभाव में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप चैनल और एफएम रेडियो के जरिए मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव या यातायात जाम की जानकारी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट टांगने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा का पहला चरण बेहद सफल रहा है, लेकिन दूसरा चरण मानसून के कारण अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन और राहत-बचाव उपकरण पहले से तैनात रखे जाएं। गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट करने के लिए 'हेली एम्बुलेंस सेवा' हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी दफ्तरों से निकलकर फील्ड में रहकर व्यवस्थाएं सुधारें। पुलिस और प्रशासन का व्यवहार यात्रियों के प्रति संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक होना चाहिए। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त शेड लगाने और पूरे यात्रा रूट पर स्वच्छता व पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


 


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