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चारधाम यात्राः बढ़ते दबाव के आगे प्रशासन बेबस! ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी पंजीकरण केंद्रों पर टूटी व्यवस्थाएं, श्रद्धालुओं में धक्कामुक्की-मारपीट

editor
  • Awaaz Desk
  • May 26, 2026 01:05 PM
Chardham Yatra: The administration is helpless in the face of mounting pressure! Arrangements at the Rishikesh Transit Camp and ISBT registration centers are broken, leading to scuffles and fights among devotees.

ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी पंजीकरण केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराती नजर आ रही हैं। प्रशासनिक तैयारियों की पोल उस समय खुल गई जब पंजीकरण कराने पहुंचे हजारों तीर्थयात्रियों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद पंजीकरण नहीं मिल पाया। अव्यवस्था इस कदर बढ़ गई कि कई जगह धक्कामुक्की, मारपीट और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर तैनात पुलिस और पैरामिलिट्री बल को हस्तक्षेप कर हालात काबू में करने पड़े। जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात 12 बजे से ही ट्रांजिट कैंप पहुंचकर लाइन में लग गए थे। सुबह से दोपहर तक लाइनें लगातार लंबी होती चली गईं, लेकिन पंजीकरण प्रक्रिया बेहद धीमी रही। कई यात्री दोपहर दो बजे तक लाइन में लगे रहे, फिर भी उनका नंबर नहीं आया। स्लॉट फुल होने की घोषणा होते ही पंजीकरण बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी फैल गई। दोपहर करीब एक बजे ट्रांजिट कैंप के एक नंबर पंजीकरण काउंटर के बाहर हालात अचानक बिगड़ गए। लाइन में लगे यात्रियों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। धक्का-मुक्की के कारण कई लोग गिरते-गिरते बचे और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर भीड़ को नियंत्रित किया।

वहीं आईएसबीटी स्थित रोडवेज टिकट काउंटर पर भी भारी अव्यवस्था देखने को मिली। बताया गया कि एक यात्री लाइन तोड़कर आगे बढ़ गया, जिसका अन्य यात्रियों ने विरोध किया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भीड़ के दबाव में टिकट काउंटर का शीशा और लोहे की जाली टूटकर अंदर गिर गई। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने टिकट वितरण रोककर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य हुई और दोबारा टिकट वितरण शुरू किया गया। आईएसबीटी स्थित पंजीकरण केंद्र पर भी भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि बाहर लगी लोहे की ग्रिल टूट गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। सबसे अधिक परेशानी दिव्यांग तीर्थयात्रियों को उठानी पड़ रही है। उनके लिए अलग से पंजीकरण व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें भी सामान्य लाइन में लगना पड़ रहा है या फिर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई दिव्यांग श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ घंटों भटकते रहे, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे लगातार तीन से चार दिन से पंजीकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार स्लॉट फुल होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इससे दूर.दराज से पहुंचे यात्रियों में गहरा आक्रोश है। गौरतलब है कि चारधाम यात्रा को सुचारु बनाने के लिए शासन ने अन्य जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाने के साथ पीएसी की तैनाती भी की है। बावजूद इसके भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल नजर नहीं आया। यात्रियों का कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समय पर मौके पर मौजूद रहते तो धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं नहीं होतीं।


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