जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू,बढ़ी सुरक्षा,अस्पताल में सोनम वांगचुक का अनशन जारी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन एक बार फिर शुरू हो गया है। सोमवार को कनॉट प्लेस इलाके में हुए उग्र हंगामे, पथराव और सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद पूरी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हिंसा के दौरान एक आईपीएस अधिकारी और 10 पुलिस अफसरों समेत कुल 118 से अधिक पुलिस व पैरामिलिट्री जवान घायल हो गए हैं। पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 70 लोगों को हिरासत में लिया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल और रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने खुद अस्पताल जाकर घायल जवानों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सर्विलांस के जरिए उन उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हिंसा भड़काई। जंतर-मंतर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संसद भवन की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दूसरी ओर, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती प्रमुख एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अस्पताल के बेड से ही अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। वांगचुक ने साफ कहा, "मैं तब तक अनशन खत्म नहीं करूंगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या फिर मुझे अस्पताल में ही सांसदों से मिलने नहीं दिया जाता। सरकार को शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करनी होगी। दिल्लीहाई कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से वांगचुक की पैथोलॉजिकल रिपोर्ट और विस्तृत हेल्थ बुलेटिन तलब किया है। इसके साथ ही, वांगचुक को किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर कोर्ट फैसला सुनाएगा। सफदरजंग अस्पताल से जारी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, वांगचुक के स्वास्थ्य पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन उनका ब्लड शुगर लेवल लगातार गिर रहा है। उनका सीरम पोटैशियम लेवल दर्ज किया गया है और वे पैनसाइटोपेनिया (एनीमिया और ल्यूकोसाइट काउंट की कमी) से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वे हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का सामना कर रहे हैं। हालांकि उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी और पोटैशियम सप्लीमेंट्स दिए जा रहे हैं, लेकिन बार-बार सलाह दिए जाने के बावजूद वे नसों के जरिए दी जाने वाली ड्रिप और ग्लूकोज लेने से साफ मना कर रहे हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है। प्रदर्शनकारियों द्वारा जंतर-मंतर पर दोबारा मंच तैयार किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। खुफिया इनपुट्स के मुताबिक, आज कई बड़े विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दे सकते हैं। किसी भी संभावित संसद मार्च या उपद्रव से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरे लुटियंस ज़ोन में चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा तैयार कर लिया है।