'हमारा काम बोलता है' के दावों की खुली पोल: भीमताल में सड़क न होने से 8 किमी डोली में ढोई गई बीमार महिला, वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल
नैनीताल। उत्तराखण्ड की भीमताल विधानसभा क्षेत्र से विकास के बड़े-बड़े दावों को मुंहचिढ़ाती एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। क्षेत्र से क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के 'काम बोलता है' के दावों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गांव के युवक एक असहाय और बीमार महिला को स्ट्रेचर या डोली पर लादकर 8 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क मार्ग तक ले जाते दिख रहे हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क संपर्क की चुनौती किस तरह ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रही है, इसकी तस्वीर भीमताल विधानसभा क्षेत्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने दिखा दी है। वीडियो में बीमार महिला को ग्रामीण डोली में लिटाकर करीब आठ किलोमीटर दूर मोटर मार्ग तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए हैं। वायरल वीडियो भीमताल ब्लॉक के ओखलकांडा क्षेत्र के अधौड़ा, कित्तोक और मोड़ा क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो में चार लोग एक महिला को डोली में लिटाकर उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ते से ले जाते नजर आ रहे हैं। रास्ता इतना दुर्गम है कि कई जगह ग्रामीणों को पथरीली पगडंडी, जंगल की झाड़ियों और खड़ी चढ़ाई के बीच डोली लेकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार गांव की एक महिला के पैर में फोड़ा हो गया था। घरेलू उपचार से राहत नहीं मिलने और दर्द बढ़ने के कारण महिला के लिए पैदल चलना मुश्किल हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे डोली के सहारे नजदीकी सड़क मार्ग तक पहुंचाने का फैसला किया। ग्रामीणों के मुताबिक महिला को करीब आठ किलोमीटर तक डोली में लेकर जाना पड़ा। इस दौरान चार ग्रामीण बारी-बारी से डोली उठाते हुए उसे दुर्गम रास्ते से मोटर मार्ग तक लेकर पहुंचे। वहां से महिला को आगे उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था की गई। वीडियो बनाने वाले युवक ने शुरुआत में लोगों से वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की। युवक ने कहा कि वीडियो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और क्षेत्रीय मंत्री राम सिंह कैड़ा तक पहुंचना चाहिए। उसने मंत्री के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें विकास कार्यों को लेकर ‘काम बोलता है’ जैसी बात कही जाती है। वीडियो में युवक ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति दिखाते हुए सवाल करता है कि यदि विकास कार्यों की तस्वीर इतनी बेहतर है तो आज भी बीमार व्यक्ति को सड़क तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर तक डोली क्यों उठानी पड़ रही है। पहाड़ी इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी अक्सर मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ओखलकांडा क्षेत्र के ग्रामीणों की इस तस्वीर ने एक बार फिर मूलभूत सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। वीडियो में ग्रामीणों की मजबूरी साफ नजर आ रही है कि बीमारी की स्थिति में भी उन्हें मरीज को अपने कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें दिखाई दे रहा दृश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सड़क संपर्क की स्थिति पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है। वीडियो सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।