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सीएम धामी का राहुल गांधी पर तीखा हमला! बोले-संसद में इडियट और अंधभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल असंसदीय,गरिमा को पहुंचाई ठेस 

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 30, 2026 04:07 AM
CM Dhami launches a scathing attack on Rahul Gandhi! He states that the use of words like 'idiot' and 'andhbhakt' in Parliament is unparliamentary and has undermined its dignity.

देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए हालिया बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सीएम धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपनी अमर्यादित भाषा और आचरण से संसद की गरिमा तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सदन में करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद सख्त 'नकल विरोधी कानून' जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए थी, तब नेता प्रतिपक्ष ने जिम्मेदार रवैया अपनाने के बजाय असंसदीय भाषा का सहारा लिया।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े सख्त नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करने के बजाय राहुल गांधी ने अपनी भाषा और आचरण से संसद की गरिमा तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद स्वस्थ बहस और तथ्यों पर आधारित विमर्श का मंच है, जहां असंसदीय और अपमानजनक भाषा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है, जहां विचारों का आदान-प्रदान गरिमा, संयम और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में इडियट जैसे शब्दों का प्रयोग तथा देश के करोड़ों नागरिकों के लिए अंधभक्त जैसी टिप्पणी संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। यह न केवल सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के जनादेश का भी अनादर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की भूमिका सरकार से तथ्यों के आधार पर प्रश्न पूछने और रचनात्मक सुझाव देने की होती है। व्यक्तिगत कटाक्ष, अभद्र भाषा और अहंकारपूर्ण व्यवहार किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की पहचान नहीं हो सकते। लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद और मर्यादित बहस की परंपरा को बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया सख्त नकल विरोधी कानून देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर विषय पर चर्चा के बजाय विषयांतर कर असंसदीय भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने और उनका उल्लंघन करने वालों के बीच अंतर भली-भांति समझती है। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और समय आने पर वही अपना निर्णय भी देती है।


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