हल्द्वानी में शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी का बड़ा बयान! कांग्रेस के आरोपों पर मांगे तथ्य और प्रमाण, बोले- समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाएं
हल्द्वानी। हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण को लेकर चल रहा सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी का यह बयान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखंड दौरे और हल्द्वानी कार्यक्रम से पहले सामने आया है। ऐसे में इसे प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपील की कि राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की होनी चाहिए, न कि ऐसे मुद्दों को बढ़ावा देने की, जिससे सामाजिक तनाव या भ्रम की स्थिति पैदा हो। बता दें कि हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण मामले में एक दिन पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 196 और 299 तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मामला दर्ज किया है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की जांच SP क्राइम जगदीश चंद्र को सौंपी है। एसएसपी के मुताबिक पुलिस को पूरे उत्तराखंड से इस मामले को लेकर करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं प्राप्त हुई थीं। इनमें नैनीताल जिले से 19 शिकायतें शामिल थीं, जिनमें FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। पुलिस ने शिकायतों की कानूनी जांच के बाद अंजू की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण के मामले को लेकर भी सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय की ओर से जो भी आदेश जारी किया जाएगा, राज्य सरकार उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी।