खटीमा के सीमांत गांव पहुंचे सीएम धामी: 'बग्गा 54' को राजस्व ग्राम और भूमि अधिकार देने का वादा,बोले-जैसे गंगा वैसे ही पूरे देश को जोड़ेगा यूसीसी
खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर अपने गृह क्षेत्र खटीमा के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने राजनीति और विकास की मुख्यधारा से दूर समझे जाने वाले सीमांत और सुदूरवर्ती क्षेत्र ग्राम 'बग्गा 54' में पहुंचकर 'मुख्य सेवक जनसंवाद' कार्यक्रम के जरिए इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री ने बग्गा 54 के ग्रामीणों की दशकों पुरानी 'राजस्व ग्राम' घोषित करने और स्थायी 'भूमि अधिकार' देने की मांग पर बड़ी घोषणा की। सीएम ने आश्वस्त किया कि इस संबंध में सरकार की ओर से कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई बेहद तेज गति से आगे बढ़ रही है और जल्द ही सीमांत क्षेत्र के लोगों को उनका हक मिलेगा। अपने गृह क्षेत्र के इस सुदूरवर्ती गांव में मुख्यमंत्री का स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने पलक-पावड़े बिछाकर अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव सा माहौल नजर आया।
जनसंवाद कार्यक्रम में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राष्ट्रीय और प्रांतीय गौरव के मुद्दों पर जमकर बोले। देश और राज्य में लागू हो रहे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का जिक्र करते हुए उन्होंने इसकी तुलना पतित पावनी मां गंगा से कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा जिस प्रकार देवभूमि की गंगोत्री से निकलने वाली मां गंगा का पवित्र प्रवाह पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ता है, उसी प्रकार उत्तराखंड की धरती से शुरू हुई यूसीसी की यह धारा भी आने वाले समय में पूरे देश में समान अधिकार, सामाजिक समरसता और समान न्याय की भावना को मजबूत करेगी। सीएम धामी ने आगे कहा कि आज देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी का परचम गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक लहरा रहा है और देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वैश्विक ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में लागू किए गए देश के सबसे सख्त 'नकल विरोधी कानून' को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अब देवभूमि में योग्यता से ही युवाओं का चयन होगा, सिफारिश या पैसे से नहीं। सख्त कानून के चलते अब तक 100 से अधिक बड़े नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। राज्य सरकार ने पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरी भर्ती प्रक्रिया अपनाते हुए अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। सीएम ने सीमांत क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बग्गा 54 सहित राज्य के सभी सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। खटीमा में जनसंवाद के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उधम सिंह नगर के गदरपुर पहुंचे। गदरपुर में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता का आयोजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और तैयारियों के अंतिम चरण की बारीकी से समीक्षा की।
इस निरीक्षण के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री और क्षेत्रीय विधायक अरविंद पांडे भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। सीएम धामी ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए। विदेशी और राष्ट्रीय स्तर के एथलीटों के लिए विश्वस्तरीय रुकने और अभ्यास की व्यवस्था हो। प्रतियोगिता स्थल पर कड़े सुरक्षा प्रबंध और चौबीस घंटे हाई-टेक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहें। दर्शकों के बैठने की उत्तम व्यवस्था, व्यवस्थित पार्किंग और पूरे परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। इसी कड़ी में, जिला मुख्यालय रुद्रपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में एक भव्य प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यह प्रेस वार्ता केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य विषय ‘विकास, विश्वास एवं जनकल्याण’ था। कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि इन 12 वर्षों में भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, और गरीब कल्याण योजनाओं में वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्रदीप बत्रा ने उत्तराखंड को केंद्र से मिलने वाली विशेष सौगातों का जिक्र करते हुए कहा कि डबल-इंजन की सरकार के चलते आज राज्य के सुदूरवर्ती गांवों तक पक्की सड़कें, बिजली, पानी और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं (आयुष्मान कार्ड के जरिए) पहुंच रही हैं। सरकार की नीतियां सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सशक्त बना रही हैं। इस दौरान भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।