सीएम धामी का 'एक्शन प्लान': 15 जून तक जारी करें सभी घोषणाओं के शासनादेश, लापरवाही पर नपेगे अधिकारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं के अभी तक शासनादेश (GO) जारी नहीं हुए हैं, उन्हें आगामी 15 जून 2026 तक हर हाल में जारी कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने घोषणाओं की प्रभावी निगरानी के लिए 'प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक' (PERT) चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, वनाग्नि और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो। सीएम ने जोर देकर कहा कि विधायक अपने क्षेत्र की जो भी समस्याएं उठा रहे हैं, अधिकारी उन्हें फाइलों में दबाने के बजाय गंभीरता से लें। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की है। राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक-एक छात्रावास (हॉस्टल) बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को सर्वाधिक छात्राओं वाले विद्यालयों को चिह्नित कर जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पौड़ी जिले की समीक्षा करते हुए सीएम ने रघुनाथ मंदिर, लक्ष्मण मंदिर (कोट ब्लॉक) और सीता माता मंदिर (फलस्वाड़ी) को एक धार्मिक सर्किट के रूप में भव्य रूप से विकसित करने की योजना पर मुहर लगाई। साथ ही, युवाओं के भविष्य को देखते हुए पौड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक मल्टीपरपज हॉल बनाने के भी निर्देश दिए गए। शहरों में बढ़ती पार्किंग की समस्या और सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए। पार्किंग समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और रोपवे प्रकरणों की अलग से समीक्षा हो। पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी सरकारी भवनों पर अनिवार्य रूप से सोलर पैनल लगाए जाएं। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत सहित कई विधायक और आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से साफ है कि वे आगामी समय में धरातल पर परिणाम देखना चाहते हैं।