उत्तराखण्ड दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथः पंचूर गांव में धार्मिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल! धामी संग किया ओपन एयर जिम का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था रही हाई अलर्ट पर
पौड़ी गढ़वाल। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे, जहां उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। दो दिवसीय निजी दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यमकेश्वर हेलीपैड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इसके बाद दोनों मुख्यमंत्री पंचूर गांव पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान पंचूर गांव में नवनिर्मित हरि विष्णु पंचदेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने कॉलेज परिसर के पास बनाए गए ओपन एयर जिम का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने जिम में एक्सरसाइज कर युवाओं को फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीएम धामी ने यमकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कार्यक्रम स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी अपने निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं और उनका दौरा दो दिनों तक रहेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है कि देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक के मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंचूर गांव में आयोजित होने वाला प्राण प्रतिष्ठा समारोह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा।