पलामू में सीओ मारवाड़ी साहू का अनोखा अंदाज: नागपुरी गीतों की तान पर ग्रामीणों को सिखा रहे एसआईआर का पाठ
पलामू। झारखंड में इन दिनों मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण का महाअभियान जारी है। जहाँ एक तरफ राज्य के कई शहरी इलाकों में इस अभियान को लेकर उदासीनता देखी जा रही है, वहीं पलामू जिले से जागरूकता की एक बेहद खूबसूरत और अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहाँ तैनात अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहू अपने खास और सुरीले अंदाज से ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। वे दफ्तर की फाइलों से बाहर निकलकर सीधे गांवों का दौरा कर रहे हैं और ग्रामीणों को 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' के प्रति जागरूक करने के लिए खुद नागपुरी गीत गा रहे हैं। लोकभाषा के इस अनूठे प्रयोग से ग्रामीण न सिर्फ मंत्रमुग्ध हो रहे हैं, बल्कि बढ़-चढ़कर एसआईआर की प्रक्रिया में भाग भी ले रहे हैं।
दरअसल, अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहू की तैनाती महज 15 दिन पहले पलामू के रामगढ़ अंचल में हुई है। इसके बाद, एक सप्ताह पहले ही उन्हें पांकी अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जिम्मेदारी मिलते ही वे तुरंत धरातल पर एक्टिव हो गए। बुधवार को जब सीओ मारवाड़ी साहू पांकी अंचल के सुदूर लोहरसी इलाके में पहुंचे, तो उन्होंने पारंपरिक प्रशासनिक तौर-तरीकों को छोड़कर सीधे जनता से संवाद स्थापित किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच खड़े होकर सुरीली आवाज में नागपुरी गीत गाए। गीतों के माध्यम से उन्होंने बेहद सरल शब्दों में मतदाताओं को समझाया कि आने वाले चुनावों और मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए एसआईआर फॉर्म भरना कितना जरूरी है। एक सरकारी अधिकारी को अपने बीच इस तरह गाकर समझाते देख ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहू दिव्यांग हैं, लेकिन उनके हौसले और काम के प्रति उनका जज्बा किसी भी सामान्य व्यक्ति से कहीं ज्यादा मजबूत है। अपनी शारीरिक चुनौती को पीछे छोड़ वे लगातार सुदूर ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रहे हैं। उनका बेहद सरल, सहृदय और मिलनसार व्यवहार ऐसा है कि वे ग्रामीणों के बीच बहुत आसानी से घुल-मिल जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी अधिकारी को इस तरह अपनों की तरह समझाते और गीत गाते देखा है। इस अनोखे अभियान के संबंध में बात करते हुए अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं या अभियानों को अमली जामा पहनाने के लिए स्थानीय भाषा और संस्कृति का सहारा लेना सबसे कारगर साबित होता है। आपको बता दें कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रशासनिक स्तर पर अंचल अधिकारियों को 'सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी' का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है। इस नाते मारवाड़ी साहू अपने अंचल के शत-प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन सुनिश्चित कराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। पलामू प्रशासन भी उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना कर रहा है, क्योंकि जहां अमूमन लोग बीएलओ के आने का इंतजार करते हैं, वहीं पांकी अंचल में लोग खुद आगे बढ़कर अपने फॉर्म जमा कर रहे हैं।