जनता मिलन में एक्शन मोड में दिखे आयुक्त दीपक रावत, सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी प्रचार, लैंड फ्रॉड और अवैध पेड़ कटान पर सख्त चेतावनी
हल्द्वानी। कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में 'जनता मिलन कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के दूर-दराज से आए अनेकों फरियादियों ने पेंशन, भूमि विवाद, अनुसूचित जाति के भवन पर अवैध कब्जे, अवैध निर्माण, पेड़ कटान और आधार कार्ड में संशोधन जैसी विभिन्न समस्याओं को कमिश्नर के सामने रखा। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया और अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
जनता मिलन कार्यक्रम में एक बेहद गंभीर और आधुनिक तकनीक से जुड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया। एक पीड़ित भूस्वामी ने बताया कि आरटीओ रोड स्थित उनका 'अपार स्टेट' नाम से एक भूखंड है, जिसे वे बेचना नहीं चाहते हैं। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर 'लैंड लीजेंड' नामक पेज द्वारा बिना उनकी अनुमति और बिना किसी लिखित साक्ष्य के, उस भूमि की वीडियोग्राफी कर बेचने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर दीपक रावत ने तुरंत दोनों पक्षों को तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा"बिना भूस्वामी की लिखित अनुमति या साक्ष्य के किसी भी संपत्ति का विवरण, फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर डालना डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता / भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत यह एक गंभीर दंडनीय अपराध है। बिना मालिक की सहमति के संपत्ति बेचने का प्रयास आपराधिक विश्वासघात है, जिसमें सख्त कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने सोशल मीडिया पेज संचालकों और डीलरों को सख्त निर्देश दिए कि बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी संपत्ति का प्रचार न करें। जनसुनवाई में कर्नल जीवेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि जयदेवपुर (आरटीओ रोड, हल्द्वानी) स्थित उनके द्वारा खरीदी गई भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा दिया जा रहा है। कमिश्नर ने राजस्व विभाग और स्थानीय लेखपाल को तत्काल विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कमिश्नर ने भूमि विक्रेता पी.सी. पंत, विभा पंत तथा प्रॉपर्टी डीलर मदन टम्टा के विरुद्ध भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामले में नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। एक अन्य मामले में कालाढूंगी के ग्राम गुलजारपुर रामसिंह निवासी सरस्वती देवी ने शिकायत की कि उनकी और पूरन सिंह की भूमि के बीच स्वामित्व का विवाद चल रहा है और मामला धारा-41 (राजस्व संहिता) के तहत न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा भूमि से तीन पेड़ काटकर ₹1,80,000 में अवैध रूप से बेच दिए गए। कमिश्नर दीपक रावत ने दोनों पक्षों और राजस्व अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब किसी भूमि का मामला कोर्ट में लंबित हो, तो दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखनी होती है। इस दौरान भूमि का स्वरूप बदलना या संपत्ति बेचना पूरी तरह गैर-कानूनी है। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जब तक मालिकाना हक तय नहीं हो जाता, तब तक पेड़ों की बिक्री से प्राप्त ₹1,80,000 की धनराशि को सुरक्षित सरकारी खाते में जमा कराया जाए। जनता मिलन में इसके अलावा विजय सिंह ने अपनी पेंशन को पुनः लागू कराने, कुसुमा देवी ने अनुसूचित जाति की एक वृद्ध महिला के भवन पर जबरन व धोखाधड़ी से किए गए कब्जे को हटाने, गोविंद सिंह ने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने और कंचन सिंह ने अपने आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधित कराने की गुहार लगाई। कमिश्नर ने प्रत्येक फरियादी की बात को संवेदनशीलता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत निस्तारण के निर्देश देकर जनता को राहत पहुंचाई।