ब्रेकिंग:मशहूर पत्रकार कमाल खान का हुआ निधन, बेबाक़ पत्रकारिता करते हुए मुख्यमंत्री तक को कह दिया था"तुझसे पहले एक शख्स जो यहाँ तख्तनशीं था, उसको भी अपने खुदा होने का उतना ही यकीं था,नैनीताल में विद्यार्थियों को दिये थे अहम टिप्स
तुझसे पहले एक शख्स जो यहाँ तख्तनशीं था, उसको भी अपने खुदा होने का उतना ही यकीं था”।
यूपी के एक मुख्यमंत्री को जनता विरोधी बातें कहने पर एनडीटीवी के मशहूर पत्रकार कमाल खान ने ये जवाब जब दिया तब वहां मानो सबके मुँह खुले के खुले ही रह गए। आज उस बेबाक पत्रकार कमाल खान का निधन हो जाने से संपूर्ण पत्रकारिता जगत में मातम छा गया है।
एनडीटीवी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का आज सुबह निधन हो गया, उन्हें हार्ट अटैक आया था। कमाल खान ने
13 घण्टे पहले ही कमाल खान ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर लाइव शो किया था। शुक्रवार सुबह लखनऊ स्थित अपने आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली। हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कमाल खान लखनऊ में अपने परिवार के साथ बटलर पैलेस स्थित सरकारी बंगले में रहते थे,उनकी शादी पत्रकार रुचि कुमार के साथ हुई थी।
वर्ष 1990 में नव भारत टाइम्स के लखनऊ कार्यालय से उन्होंने अपना काम शुरू किया,यह अखबार तीन साल बाद 1993 में बंद हो गया,उस समय विनोद शुक्ल ने उन्हें अपने अखबार में काम करने का अवसर दिया लेकिन कुछ दिनों बाद वहाँ से कमाल ने रिजाइन कर दिया। फिर दिसम्बर 1994 में वो एनडीटीवी पहुंचे और उसके बाद एनडीटीवी ही उनके लिए दूसरे घर की तरह हो गया। तब से पिछले अट्ठारह सालों से कमाल एनडीटीवी में ही काम करते रहे।
कमाल खान को वैसे तो पत्रकारिता के क्षेत्र में कई अवार्ड मिले पर जिन्हें कमाल खान अक्सर गिनाते थे वो रामनाथ गोयनका,गणेश शंकर विद्यार्थी अवार्ड था,यह अवार्ड पहले सिर्फ प्रिंट मीडिया के लिए था। पहली बार इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए शुरू हुआ और कमाल को भी ये अवार्ड मिला,और ये दोनों पुरस्कार स्वयं राष्ट्रपति के हाथों उन्हें दिया गया। इसके अलावा एक न्यूज़ टेलीविजन अवार्ड मिला जो कमाल के अलावा अरूण पुरी को भी मिला. फिर पर्यावरण पर बेस्ट रिपोर्टिंग के लिए अवार्ड मिला। हाल में उन्हें सार्क कंट्री राइटर अवार्ड मिला, दक्षेश देशों की संस्था सार्क द्वारा।पहले इसमें सिर्फ लेखकों को अवार्ड मिलते थे,पहली बार पत्रकारों को भी ये अवार्ड मिलना शुरू किया गया। कमाल खान और उदय प्रकाश को यह पुरस्कार मिला।

कमाल खान पिछले साल ही नैनीताल भी पहुंचे थे जहां उन्होंने अटल पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग कुमाऊं विवि के विद्यार्थियों को पत्रकारिता से जुड़े कई अहम टिप्स भी दिए। वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान ने उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया था कि एक अच्छा पत्रकार बनने के लिए एक पत्रकार में क्या गुण होने चाहिए। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न विषयों और साहित्य का अध्ययन करने को बेहद जरुरी बताया। साथ ही के समक्ष वास्तविकता लाने और जागरूक करने में योगदान देने की बात कही थी।
उनके निधन से आज हर कोई हतप्रभ है,निधन से पहले भी उन्होंने अपने फील्ड में काम किया और 13 घण्टे पहले किये गए लाइव शो में उन्हें अंतिम बार देखा गया।