विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, उत्तराखंड में जिला और महानगर कमेटियों का ऐलान,बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर फोकस
देहरादून। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने प्रदेशभर के जिला और महानगर कांग्रेस कमेटियों की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। इन नई नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और चुनावी तैयारियों को गति देना है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि पार्टी हाईकमान की मंजूरी के बाद जिला और महानगर कांग्रेस कमेटियों की कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि नई टीमों को संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत को और मजबूत किया जा सके। घोषित कार्यकारिणी में संगठनात्मक जिला पुरोला, उत्तरकाशी, चमोली, कोटद्वार ग्रामीण, कोटद्वार महानगर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, हरिद्वार महानगर, हरिद्वार ग्रामीण, रुड़की महानगर, रुड़की ग्रामीण, देहरादून महानगर, पछुवादून, रुद्रपुर महानगर, काशीपुर महानगर, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, डीडीहाट और चंपावत जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियां शामिल हैं। इन सभी जिलों में संगठन को नई जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है। देहरादून महानगर कांग्रेस कमेटी की 50 सदस्यीय कार्यकारिणी विशेष रूप से चर्चा में है। इस कार्यकारिणी में 16 उपाध्यक्ष, 16 महासचिव, 12 सचिव, एक कोषाध्यक्ष, एक कार्यालय सचिव, एक सोशल मीडिया प्रभारी, दो प्रवक्ता और एक मीडिया प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी का मानना है कि राजधानी में मजबूत संगठन चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां विभिन्न जिम्मेदारियों का व्यापक वितरण किया गया है। इसी तरह जिला कांग्रेस कमेटी पछुवादून की नई कार्यकारिणी में 11 उपाध्यक्ष, 15 महासचिव, 19 सचिव, एक कोषाध्यक्ष, एक कार्यालय सचिव, दो प्रवक्ता, एक मीडिया प्रभारी और एक सोशल मीडिया प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर क्षेत्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाएगी। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, नई कार्यकारिणी का उद्देश्य संगठन को गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक प्रभावी बनाना है। इसके साथ ही जनसंपर्क अभियान, सदस्यता विस्तार, सोशल मीडिया गतिविधियों और स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह संगठनात्मक कवायद चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई कार्यकारिणी के गठन से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है, वहीं संगठन को नई ऊर्जा और गति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपनी नई टीम के साथ प्रदेश में चुनावी तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाती है और बूथ स्तर पर अपनी पकड़ कितनी मजबूत कर पाती है।