ट्रेन में नमाज पढ़ने पर खड़ा हुआ विवाद, राज्य पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने शुरू की मामले की जांच,
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक ट्रेन डिब्बे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग नमाज पढ़ते हुए दिख रहे हैं. सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. राज्य पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं.
इस वीडियो को कुशीनगर से भाजपा के पूर्व विधायक दीपलाल भारती ने शेयर किया था. इसमें चार मुस्लिम पुरुषों को स्लीपर कोच के गलियारे में नमाज अदा करते हुए दिखाया गया है. वीडियो कथित तौर पर सत्याग्रह एक्सप्रेस का है, जो उस वक्त बनाया गया जब ट्रेन खड्डा रेलवे स्टेशन पर रुकी हुई थी.
सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करना बहस का एक विषय बनकर उभरा है. दक्षिणपंथी संगठनों का आरोप है कि इससे परेशानी होती है. इस साल की शुरुआत में, हरियाणा के गुरुग्राम में नमाज के लिए निर्धारित एक खुले क्षेत्र को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था. जब वहां मुस्लिम नमाज पढ़ रहे थे तो हिंदू दक्षिणपंथी समूहों के समर्थकों ने इकट्ठा होकर 'जय श्री राम' के नारे लगाए थे. बवाल को सांप्रदायिक झड़प में बदलने से रोकने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पिछले महीने एक महिला का अस्पताल में नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था, उस पर भी विवाद हुआ था. पुलिस ने बाद में एक बयान जारी किया कि वह परिवार के एक सदस्य के ठीक होने की प्रार्थना कर रही थी और किसी दूसरे के लिए परेशानी नहीं पैदा कर रही थी. पुलिस ने कहा था, 'महिला का नमाज पढ़ना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता है.'
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जुलाई महीने में कुछ लोगों का नए शुरू हुए लुलु मॉल में नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां भी की थीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को राज्य में "माहौल को खराब करने पर तुले हुए" तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.