केरल में एलडीएफ सरकार की विदाई की उल्टी गिनती शुरू: पीएम मोदी
तिरुवल्ला (केरल)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के पठानमथिट्टा जिले में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केरल में वामपंथी शासन की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगा।
राज्य की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पीएम मोदी ने विकास का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा ने पूर्वोत्तर के राज्यों और गोवा जैसे ईसाई बहुल क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित किया है, वही मॉडल केरल में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी शासन के कारण केरल विकास की दौड़ में पिछड़ गया है और यहाँ के ग्रामीण इलाकों का बुनियादी ढांचा बदहाल स्थिति में है। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए 'सबरी रेल' प्रोजेक्ट का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एलडीएफ सरकार की लापरवाही के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना में देरी हुई, जिसका खामियाजा तिरुवल्ला की जनता को भुगतना पड़ रहा है। पीएम ने वादा किया कि केरल में भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार आते ही सभी रुकावटें दूर कर दी जाएंगी और यह "मोदी की गारंटी" है। केरल की ज्वलंत समस्याओं पर बात करते हुए पीएम मोदी ने युवाओं के बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन (माइग्रेशन) पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता राज्य की उन्नति में सबसे बड़ी बाधाएं हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एनडीए की नीतियों का सबसे अधिक लाभ महिलाओं और बेटियों को मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों को गिनाते हुए बताया कि राज्य में भाजपा की सरकार न होने के बावजूद, केंद्र ने कांग्रेस की यूपीए सरकार की तुलना में केरल के विकास पर पांच गुना अधिक निवेश किया है। प्रधानमंत्री के इस दौरे से केरल के चुनावी रण में हलचल तेज हो गई है।