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बिहार में अपराधियों की अब खैर नहीं: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, सूबे में गठित होंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 04, 2026 12:07 PM
Criminals in Bihar are no longer safe: CM Samrat Chaudhary's major announcement—100 fast-track courts to be set up in the state.

पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने तथा अपराधियों को उनके किए की त्वरित सजा दिलाने की दिशा में नीतीश-सम्राट सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार बिहार में अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट (त्वरित न्यायालय) के गठन की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की है। सीएम ने इसे अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाने और आम जनता को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक 'गेम चेंजर' कदम बताया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार की मंशा साफ करते हुए लिखा— "बिहार में अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व सख्त बनाना है, ताकि न्याय की आस में बैठे पीड़ितों को अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से दावा किया कि इन 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के अस्तित्व में आने से सालों से लंबित पड़े गंभीर आपराधिक मामलों के निपटारे में अभूतपूर्व तेजी आएगी। इसके जरिए संगीन अपराधों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ वैज्ञानिक और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। न्यायिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस कदम से जहां एक ओर पीड़ितों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर अपराधियों के भीतर कानून का खौफ पैदा होगा, जिससे राज्य में अपराध ग्राफ को नीचे लाने में सीधी मदद मिलेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने इस लोक-कल्याणकारी पोस्ट में अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की समय-सीमा क्या होगी, यानी इन्हें कब तक पूरी तरह संचालित कर दिया जाएगा। साथ ही, यह जानकारी भी अभी सामने आनी बाकी है कि इन अदालतों को राज्य के किन संवेदनशील जिलों में पहले प्राथमिकता दी जाएगी और ये किस विशेष श्रेणी (जैसे पोक्सो, महिला उत्पीड़न, टेंडर घोटाला या भू-माफिया) के मामलों की सुनवाई करेंगे। फिलहाल, सरकार के इस बड़े ऐलान के बाद विधि विभाग और गृह विभाग के स्तर पर विस्तृत आधिकारिक आदेश और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के रोडमैप का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन सरकार के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में अब अपराधियों पर अदालती हंटर और तेजी से चलेगा।
 


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