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उत्तराखंड के 12 लाख पेंशनरों के लिए 'डेडलाइन' जारी: 31 मई तक कराएं भौतिक सत्यापन, वरना रुक जाएगी पेंशन

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 13, 2026 06:05 AM
'Deadline' Issued for 1.2 Million Pensioners in Uttarakhand: Complete Physical Verification by May 31, or Pensions Will Be Stopped.

देहरादून। उत्तराखंड के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और किसान पेंशन धारकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पेंशन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक 'भौतिक सत्यापन' की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के कुल 12 लाख 09 हजार 668 पेंशन धारकों को आगामी 31 मई तक अपना सत्यापन हर हाल में पूरा कराना होगा। जो लाभार्थी इस अवधि में अपना सत्यापन नहीं कराएंगे, उनकी पेंशन पर तलवार लटक सकती है।

दरअसल, इस वर्ष पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया अपने तय समय से कुछ पीछे चल रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के कारण विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को लगभग 15 दिनों तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब तकनीकी समस्या दूर होने के बाद जिला प्रशासन ने 31 मई तक का समय निर्धारित किया है। अधिकारियों के पास अब केवल तीन सप्ताह का समय शेष है, जिसमें करीब 12 लाख लोगों का डाटा क्रॉस-चेक किया जाना है। जिला प्रशासन ने इस कार्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ग्राम विकास अधिकारियों और समाज कल्याण विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है या समय पर रिपोर्ट जमा नहीं होती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 10 जून तक सत्यापन की अंतिम रिपोर्ट जिला प्रशासन को सुपुर्द करनी अनिवार्य है। समाज कल्याण विभाग हर महीने करोड़ों रुपये की धनराशि पेंशन के रूप में जारी करता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पेंशन केवल पात्र व्यक्तियों को ही मिल रही है और मृत या अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकें, हर साल यह भौतिक सत्यापन किया जाता है। पेंशन धारकों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि भविष्य में पेंशन मिलने में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए।


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